
Budget 2023: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को देश का बजट पेश किया। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के अंतिम पूर्ण बजट में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने वाली संस्थाओं के लिए भी बजट अलॉट किया गया है। केंद्रीय बजट में लोकपाल और केंद्रीय सतर्कता आयोग को भी स्थापना व निर्माण संबंधी एक्पेंस के लिए धन दिया गया है। लोकपाल के लिए इस वित्तीय वर्ष में 92 करोड़ रुपये दिया गया है जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में करीब 105 करोड़ था।
लोकपाल के लिए घटा बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश केंद्रीय बजट के अनुसार, लोकपाल को 2022-23 में 34 करोड़ रुपये दिए गए थे। लेकिन इसे संशोधित कर 197.50 करोड़ रुपये कर दिया गया था। बीते वित्तीय वर्ष में इस आवंटन में 105 करोड़ रुपये जारी कर दिया गया था। लोकपाल के स्थापना और निर्माण संबंधी खर्चों को पूरा करने के लिए इस बार 92 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
केंद्रीय सतर्कता आयोग को 44.46 करोड़ रुपये
बजट 2023-24 में केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के लिए सरकार ने एक करोड़ का बजट बढ़ा दिया है। इस बार सीवीसी को 44.46 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए 2022-23 के वित्तीय वर्ष में पहले 41.96 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। लेकिन इसे संशोधित कर 43.46 करोड़ रुपये कर दिया गया था। इस बार बजट में एक करोड़ रुपये की वृद्धि करते हुए 44.46 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
बजट में पहले चरण में एक लाख शिलालेखों का डिजिटलीकरण
सीतारमण ने भारत के प्राचीन शिलालेखों के संरक्षण के लिए सरकार के दृष्टिकोण के बारे में बताते हुए इसके डिजिटलीकरण के लिए बजट में प्राविधान के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि शिलालेखों के डिजिटल एपीग्राफी म्यूजियम के लिए पहले चरण में एक लाख प्राचीन शिलालेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा। सीतारमण ने कहा कि वेटलैंड के संरक्षण के लिए अमृत धरोहर योजना को लागू किया जाएगा। इससे वेटलैंड्स का सदुपयोग होगा साथ ही जैव विविधता को बढ़ावा मिल सकेगा। पढ़िए पूरी खबर…
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