
बिजनेस डेस्क : भारत में बच्चों के खेलने का खिलौना अब विदेशों में भी खूब डिमांड में है। बुधवार को संसद में सरकार ने बताया कि 2018-19 में खिलौने का निर्यात 60 प्रतिशत बढ़कर 203.46 मिलियन डॉलर से 2022-23 में 325.72 मिलियन डॉलर पहुंच गया है। वहीं,आयात 2018-19 में 371.69 मिलियन डॉलर से 57 प्रतिशत घटकर 2022 में 158.70 मिलियन डॉलर हो गया है। इसका साफ मतलब है कि भारतीय खिलौना बाजार तेजी से ग्रोथ कर रहा है और आयात पर निर्भरता कम हो रही है।
भारत में टॉय इंडस्ट्री
वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने बुधवार को संसद में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने टॉय इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने लोकसभा में एक लिखित जवाब में बताया, 'सरकार ने इस क्षेत्र में जो कदम उठाए, उसी का नतीजा है कि भारतीय बाजार में खिलौनों के आयात में लगातार गिरावट आई है।' एक अलग जवाब में उन्होंने बताया, 'जनवरी 1991 से 31 जुलाई 2023 तक मंत्रालय के तहत रजिस्टर्ड उद्योगों की कुल संख्या 1 लाख 10 हजार 525 है।' यह इंडस्ट्री लगातार तेजी से ग्रोथ कर रही है।
खिलौने का बाजार बढ़ाने FOS प्रोग्राम
ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) पर एक सवाल का जवाब देते हुए, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने बताया कि ओएनडीसी ने खिलौना बेचने की पहचान करने और उन्हें इस फील्ड में बेहतर बनाने के लिए सरकार की तरफ से फीट ऑन स्ट्रीट (FOS) प्रोग्राम शुरू किया गया है। इस नेटवर्क पार्टिसिपेंट्स का समर्थन करने के लिए 90 एफओएस संसाधनों को शामिल किया गया है।
इस प्रोग्राम के फायदे
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