
TikTok US operations deal: महीनों से चली आ रही अनिश्चितता अब खत्म हो गई है। युवाओं के पसंदीदा, चीनी कंपनी वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक को अमेरिका में काम जारी रखने की इजाजत मिल गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कुछ शर्तों के साथ इस आदेश पर दस्तखत कर दिए। ट्रंप ने इस सौदे को मंजूरी दी है, जिससे टिकटॉक के अमेरिकी यूज़र्स की एक्टिविटी और डेटा अमेरिकी निवेशकों के कंट्रोल में रहेगा और लीक नहीं होगा।
पिछले साल पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने आदेश दिया था कि चीनी कंपनी बाइटडांस को इस साल की शुरुआत में टिकटॉक की संपत्ति एक अमेरिकी कंपनी को बेचनी होगी, वरना देश भर में टिकटॉक पर बैन लगा दिया जाएगा। लेकिन, जब प्रशासन सोशल मीडिया कंपनी की बिक्री पर एक समझौते पर पहुंचने की कोशिश कर रहा था, तब ट्रंप ने टिकटॉक को अमेरिका में काम करने की इजाजत देने वाले आदेशों पर दस्तखत कर दिए।
ट्रंप ने साफ किया कि उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात की है। उन्होंने टिकटॉक के बारे में भी बात की और उन्होंने हमें आगे बढ़ने की इजाजत दे दी। इसे अमेरिकी निवेशक और अमेरिकी कंपनियाँ चला रही हैं, जो बेहतरीन, सबसे अच्छे निवेशक और सबसे बड़े हैं। युवा वाकई चाहते थे कि ऐसा हो। लैरी एलिसन और ओरेकल जैसे बेहद काबिल अमेरिकी निवेशक इसे अपने हाथ में ले रहे हैं और चला रहे हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि सुरक्षा और बाकी सभी मामलों में ओरेकल की बहुत बड़ी भूमिका होगी।
वैसे तो टिकटॉक की मालिक बाइटडांस है, लेकिन अमेरिका में काम जारी रखने के लिए ज़्यादातर हिस्सेदारी अमेरिकी निवेशकों को दी जाएगी। ओरेकल और सिल्वर लेक समेत अमेरिकी निवेशकों का एक ग्रुप अमेरिका में नई टिकटॉक कंपनी की ज़्यादातर हिस्सेदारी खरीदेगा। 'बेचो या बैन करो' कानून का पालन करने के लिए बाइटडांस सिर्फ 20% से कम हिस्सेदारी ही रख पाएगी। हालांकि बाइटडांस की तरफ से एक व्यक्ति डायरेक्टर बोर्ड में होगा, लेकिन उसे सुरक्षा से जुड़े मामलों या उससे जुड़ी कमेटियों से बाहर रखा जाएगा।
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