
बिजनेस डेस्क : अगर आप भी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के मेंबर्स हैं और अब तक ई-नॉमिनेशन नहीं कराया है तो बड़ा नुकसान हो सकता है। ईपीएफओ खाते में जमा रकम इमरजेंसी या रिटायरमेंट के बाद काम आता है। समय-समय पर ईपीएफओ अपने मेंबर्स से ई-नॉमिनेशन (EPF E-Nomination) करने की अपील करता है। नॉमिनेशन में चूक जाने से कई फायदे नहीं मिल पाते हैं। इससे कई नुकसान भी हो सकते हैं। जानिए ई-नॉमिनेशन की पूरी प्रॉसेस और क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं...
EPFO ई-नॉमिनेशन से क्या होगा
ई-नॉमिनेशन होने से अगर किसी कारण से खाताधारक की मौत हो जाती है तो उसकी फैमिली को ऑनलाइन क्लेम सेटलमेंट करने में दिक्कतें नहीं आएंगी। इसके साथ ही पीएफ (PF), पेंशन (Pension) और बीमा (EDLI) जैसी सोशल सिक्योरिटी स्कीम का फायदा भी मिलता है।
ईपीएफओ ई-नॉमिनेशन न करवाने से क्या होगा
ईपीएफओ मेंबर्स अगर ई-नॉमिनेशन नहीं करवाते हैं तो उनकी मौत के बाद परिवार को पैसे मिलने में परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति में सर्टिफिकेट जमा करने के बाद ही परिवार को रकम मिल पाती है लेकिन ये काफी लंबी प्रक्रिया होती है।
EPFO ई-नॉमिनेशन कैसे करें
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