फर्जी लोन ऐप्स से रहें सतर्क, वरना पल भर में खाली हो जाएगा अकाउंट, वित्त मंत्री ने RBI को दिए सख्ती के निर्देश

Published : Feb 22, 2024, 11:15 AM IST
loan 1.jp

सार

डिजिटल युग में ज्यादातर बैंकिंग वर्क भी ऑनलाइन ही हो रहे हैं, लेकिन इसके साथ फर्जीवाड़े भी बढ़ गए हैं। वित्त मंत्री की सख्ती के बाद आरबीआई ने ऑनलाइन फर्जी लोन ऐप्स को लेकर ग्राहकों को अलर्ट करते हुए दिशा निर्देश जारी किए हैं।

बिजनेस डेस्क। ऑनलाइन बैंकिंग यूं तो काफी समय से भारत में चल रही है लेकिन पिछले कुछ सालों में खासकर कोरोना काल के बाद से ग्राहक ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई पेमेंट्स ऐप्स पर ही निर्भर हो गया है। बैंक भी कस्टमर को घर बैठे सारी सुविधाएं दे रहा है जिससे यूजर्स का भी समय बच रहा है। ऐसे में मार्केट में कई सारी कंपनियां भी आ गई हैं जो ग्राहकों को ऑनलाइन लोन भी प्रोवाइड कर रही हैं, लेकिन इन लोनिंग ऐप्स से जरा सतर्क रहें। वित्तमंत्री ने आरबीआई को निर्देश जारी करते हुए मार्केट में आए फर्जी लोन ऐप्स पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। 

फर्जी लोन ऐप्स लगा रहे चूना
अगर आप गूगल पर ऑनलाइन लोन टाइप कर देंगे तो पल भर में 50 से अधिक लोनिंग ऐप्स खुलकर आपके सामने आ जाएंगे। ये ऐप्स आपको बिना गारंटी के लोन देने के लिए तैयार रहते हैं। इसके जरिए आप लोन के लिए अप्लाई करेंगे तो कस्टमर केयर से कॉल भी आएगी और आपको लोन भी ऑफर किया जाएगा। इस दौरान आपसे आपके पैन कार्ड की डिटेल मांगी जाएगी या किसी अकाउंट नंबर की डिटेल मांगी जा सकती है। ऐसे में अपनी अकाउंट डीटेल या एटीएम पिन शेयर न करें नहीं तो अकाउंट्स से रुपये गायब हो जाएंगे।

पढ़ें एक्शन में आरबीआई: पेटीएम के बाद visa और mastercard पर भी लगाई रोक, जानें क्यों

अवैध रूप से ऑनलाइन लोन देने पर रोक लगाने के निर्देश 
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरबीआई समेत फाइनेंशियल सेक्टर के रेगुलेटरी से इस संबंध में चर्चा करते हुए अवैध रूप से चल रहे ऑनलाइन लोन ऐप और लोन देने की प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ग्राहकों को भी फर्जी लोन ऐप्स के झांसे में न आने की सलाह दी है।

KYC प्रोसेस को सरल बनाने की कवायद तेज
आरबीआई और सरकार की ओर से बैंकिंग प्रणाली को आसान बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में केवाईसी प्रोसेस को भी सरल बनाने को लेकर कवायद की जा रही है। केवाईसी का एकसमान स्टैंडर्ड निर्धारित करना, फाइनेंशियल सेक्टर में केवाईसी रिकॉर्ड्स की इंटरनल इंपॉर्टेंस के साथ ही केवाईसी सबमिशन को आसाना बनाने और डिजीटल बनाने की कवायद चल रही है। 

PREV

व्यापार समाचार: Read latest business news in Hindi, Investment News, Insurance News, Personal Finance Tips & Budget News Live Updates at Asianet Hindi News

Recommended Stories

Share Market Today: पलक झपकते निवेशकों के 7.5 लाख करोड़ डूबे, इन 5 शेयरों ने दिया सबसे बड़ा झटका
Success Story: ₹50 लाख की नौकरी छोड़ शुरू किया ऐसा बिजनेस, महज 2.5 साल में अर्न किया ₹5 Cr