
बिजनेस डेस्क. देश के पुराने बिजनेस घरानों में से एक गोदरेज ग्रुप में बंटवारा फायनल हो चुका है। पिछले तीन सालों से इसके बंटवारे की प्रक्रिया चल रही थी। गोदरेज ग्रुप की स्थापना साल 1897 में हुई थी। तब से लेकर अब तक इस कंपनी का दबदबा भारतीय बाजार पर रहा है। कंपनी ने ऐसे प्रोडक्ट बनाए, जो इतिहास का हिस्सा बन चुके है। आईए जानते है उन प्रोडक्ट्स के बारे में।
जानें गोदरेज की 5 बड़ें प्रोडक्ट्स
1.बैलेट बॉक्स
भारत में साल 1952 में पहले लोकसभा चुनाव हुए थे, तब गोदरेज ने बैलेट बॉक्स बनाए थे। तब गोदरेज ने 12.83 लाख बैलेट बॉक्स बनाए थे। एक बैलेट बॉक्स 5 रुपए कीमत थी। कंपनी एक दिन में 15 हजार बैलेट बॉक्स बनाती थी। इस बॉक्स का कलर ऑलिव ग्रीन था।
2. टाइपराइटर
गोदरेज ने साल 1955 में भारत का पहला स्वदेशी टाइपराइटर बनाया था। इसके लिए इन्होंने बॉयस नाम कंपनी के साथ साझेदारी की थी। इसे बनाने का आइडिया अर्देशिर गोदरेज का था।
3. फ्रिज
गोदरेज ने साल 1958 में फ्रिज बनाने का काम शुरू किया था। ये कंपनी भारत में फ्रिज बनाने वाली पहली कंपनी थी।
4. तिजोरियां
गोदरेज की तिजोरियां आज भी काफी भरोसेमंद हैं। साल 1918 में तेल से साबुन बनाने का बिजनेस शुरू किया। इसके बाद गोदरेज ने तिजोरी बनाने का बिजनेस शुरू किया। लेकिन,इनकी तिजोरियां का असली टेस्ट 1944 में हुआ। विक्टोरिया डॉक पर एक विस्फोट के बाद भयानक आग लगी थी। तब भी गोदरेज की तिजोरियां को कुछ नहीं हुआ।
5. ताला-चाबी
गोदरेज ग्रुप ने साल 1897 से ताला-चाबी बनाने का कारोबार शुरू किया। ये आज भी अपने ग्राहकों के बीच एक भरोसेमंद ब्रांड है।
अब चार हिस्सों में बटेगा गोदरेज ग्रुप
गोदरेज ग्रुप की मार्केट कैप 4.1 अरब डॉलर है। ये ग्रुप दो भागों में बंटने वाला है। इसमें एक हिस्सा आदि गोदरेज और उनके भाई नादिर का है। वहीं, दूसरा हिस्सा चचेरे भाई जमशेद और बहन स्मिता गोदरेज को मिलेगा।
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