
मुंबई। सोने की कीमतों में तेजी लगातार जारी है। 5 अप्रैल को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने के दाम ऑलटाइम हाई पर पहुंच गए। सर्राफा बाजार में सोना 61080 रुपए पर पहुंच गया है, जो उसका अब तक का हाइएस्ट लेवल भी है। वहीं चांदी की कीमतों में भी उछाल देखा गया। चांदी 70,500 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई है। बात अगर सोने की करें तो इसने पिछले 5 सालों में शेयर मार्केट, एफडी और बॉन्ड से ज्यादा रिटर्न दिया है।
क्यों आई सोने में तेजी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोने में तेजी की सबसे बड़ी वजह ग्लोबल मंदी की आशंका है। इसके चलते सोने की डिमांड बढ़ गई है। हर कोई सोने में इन्वेस्ट करना चाहता है। अगर कोई सोने में निवेश करने की सोच रहा है तो उसे ज्वैलरी की जगह सोने के सिक्के या बिस्किट खरीदना चाहिए।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में लगा सकते हैं पैसा :
सोने में निवेश का एक सुरक्षित विकल्प सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड है। ये सरकारी बॉन्ड है, जिसे RBI द्वारा जारी किया जाता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में इश्यू प्राइस पर हर साल 2.50% ब्याज भी दिया जाता है। गोल्ड बॉन्ड का मैच्योरिटी पीरियड 8 साल होता है, लेकिन निवेशक 5 साल के बाद चाहें तो बाहर निकल सकते हैं।
गोल्ड ETF से भी खरीद सकते हैं सोना :
सोने में निवेश का एक और विकप्ल गोल्ड ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) है। इसमें सोने को शेयरों की तरह खरीदा-बेचा जाता है। गोल्ड ETF का बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड के दाम हैं। गोल्ड ETF खरीदने के लिए सबसे पहले ट्रेडिंग डीमैट अकाउंट खुलवाना होगा। इसके बाद ही इसे खरीद सकते हैं।
5 साल में दोगुना हुए सोने के दाम :
बीते 5 सालों पर गौर करें तो सोने ने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया है। अप्रैल 2018 में सोने की कीमत 30,000 रुपए प्रति 10 ग्राम थीं, जो 5 साल यानी 2023 में बढ़कर 61 हजार रुपए पहुंच गईं। यानी सोने ने हर साल 20% का रिटर्न दिया है। ये रिटर्न FD और बॉन्ड से कहीं ज्यादा है। वहीं, 2018 में शेयर बाजार 34000 के लेवल पर था, जो कि अब 60 हजार के आसपास है।
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