हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने पर कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इससे बचने के लिए कुछ बातों और कंपनी की पॉलिसी का ध्यान रखना चाहिए। ताकि इमरजेंसी में मेडिकल खर्चों से बच सकें।
बिजनेस डेस्क : क्या आपका भी हेल्थ इंश्योरेंस है या फिर पॉलिसी लेने जा रहे हैं? अगर हां तो इससे जुड़ी कुछ बातें आपको जान लेनी चाहिए, ताकि आने वाले समय में जब इसकी जरूरत पड़े तो किसी तरह की परेशानी न आए। हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) मेडिकल इमरजेंसी में इलाज के खर्चों के बोझ से बचाता है। हालांकि, कई बार कुछ गलतियों की वजह से क्लेम रिजेक्ट हो जाता है। ऐसे में पॉलिसी को लेकर क्या करें या क्या नहीं, इसकी जानकारी हर किसी को रखनी चाहिए।
क्यों रिजेक्ट हो जाता है हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम
पॉलिसी में उम्र, इनकम, प्रोफेशन की गलत जानकारी देने पर।
समय सीमा के अंदर बीमा के लिए क्लेम न करना।
किसी पुरानी बीमारी के छिपाने यानी मरीज की प्री-एक्जिस्टिंग
लिमिट से ज्यादा पॉलिसी क्लेम करना
मरीज, डॉक्टर की गलत जानकारी देने पर
गलत मेडिकल रिपोर्ट, अस्पताल बिल देने पर
सम इंश्योर्ड राशि का पहले ही इस्तेमाल करने पर
मेडिक्लेम पॉलिसी रिन्यू न करने पर या समाप्त हो जाने पर
पॉलिसी में कवर न होने वाली चीजों को क्लेम करने पर
पॉलिसी की सभी शर्तें न मानने पर
क्या करें कि न रिजेक्ट हो हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम
जांच में किसी बीमारी का पता चलते ही बीमा करवा लें।
1 से 4 साल के वेटिंग पीरियड पूरा होने पर ही बीमारी क्लेम के दायरे में आएगी।
8 साल के बाद बीमा कंपनी क्लेम जारी नहीं कर सकती है।
15-30 दिन के इनीशियल पॉलिसी पीरियड में पॉलिसी लौटाकर रिफंड वापस पा सकते हैं।
हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर क्या गलती न करें
मेडिक्लेम एजेंट को पुरानी बीमारी जैसे- डायबिटीज, अस्थमा, थॉयराइड की जानकारी जरूर दें।
स्मोकिंग-शराब से जुड़ी आदतों की भी जानकारी दें।
इंश्योरेंस की पॉलिसी अच्छी तरह पढ़ें।
30 दिन के ग्रेस पीरियड में रिन्यू कराएं।
क्लेम के लिए हॉस्पिटल में 24 घंटे एडमिट रहना जरूरी
नॉमिनी का नाम हेल्थ पॉलिसी में जुड़वाएं
हेल्थ पॉलिसी लेते समय जरूर करें ये सवाल
इंश्योरेंस में क्या-क्या चीजें नहीं कवर होती हैं>
कौन-सी बीमारियां खास समय सीमा के बाद भी कवर होती हैं और कौन सी नहीं>
बीमा पॉलिसी में टॉप-अप है या नहीं?
पॉलिसी के साथ कंपनी कुछ एडिशनल कवर करती है या नहीं?
अस्पताल रजिस्टर्ड न होने पर क्लेम मिलेगा या नहीं?
हेल्थ इंश्योरेंस में कौन सी बीमारियां नहीं कवर होती हैं
एड्स
दांतों का इलाज
मनोरोग
प्राइवेट पार्ट में बदलाव की सर्जरी
कास्मेटिक सर्जरी
खुद को नुकसान या सुसाइड के प्रयास
हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम खारिज होने पर क्या करें
हेल्थ इंश्योरेंस करने वाली कंपनी से फिर से विचार करने की अपील कर सकते हैं।
क्लेम क्यों खारिज हुआ, इसकी वजह जानें।
सही और पर्याप्त डॉक्यूमेंट्स, डेटा और सुबूत जमा करें।
नाम पॉलिसी नंबर सही तरह चेक करें, गलत होने पर चेंज कराएं।
क्लेम वैरिफिकेशन के लिए ज्यादा अपील कर सकते हैं।
अगर बीमा कंपनी 15 दिनों में शिकायत न निपटाए तो IRDAI में शिकायत दर्ज कराएं।
30 दिनों में बीमा कंपनी का जवाब न आए तो लोकपाल ऑफिस जाएं।
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