
बिजनेस डेस्क. दार्जलिंग के मॉल रोड पर 1.5 लाख प्रति किलोग्राम की भारी कीमत पर मिल रही है।उस दुकान में इस चाय की 300 किस्मों का कलेक्शन हैं। स्टोर के मालिक गौतम मंडल ने कहा कि उनकी चाय बेहतरीन क्वालिटी की चायों में से एक है। यह दुर्लभ वनस्पति से बनता है, जिससे इसकी कीमत बहुत ज्यादा है।
एक साल में सिर्फ 15-20 KG चाय उत्पादन
ये चाय खास तरह की वनस्पति बनती हैं। एक साल में सिर्फ 15 से 20 KG चाय का उत्पादन होता है। ये सिर्फ पौधों की छोटी पत्तियों की नोक से बनती है। इसे सफेद चाय के रूप में जाना जाता है। दूसरी चायों की तरह इसकी ज्यादा प्रोसेसिंग नहीं की जाती है। चाय के पौधों की पत्तियां पूरी तरह से खुलने से पहले काटी जाती हैं। इसमें बेहद छोटे सफेद बालों से ढकी कोमल कलियां होती हैं, इसलिए इसे सफेद चाय कहा जाता है।
ऐसे तैयार होती है ये महंगी चाय
चाय के पौधे की नई कोमल कलियों और खुली पत्तियों को बेहद सावधानी से चुना जाता है। फिर तुरंत सुखाया जाता है। यह प्रक्रिया ऑक्सीकरण को रोकती है। इसके बाद एक बेहतरीन और ताजा चाय तैयार होती है। ये दूसरी चाय की तुलना में अपने बेहतर स्वाद और हल्के रंग के लिए जानी जाती है।
दार्जीलिंग चाय उत्पादन का केंद्र
दार्जिलिंग दुनिया की बेहतरीन चाय के उत्पादन के लिए जाना जाता है। दुनिया भर में दार्जिलिंग की चाय को पसंद किया जाता है। यहां पर 1800 से चाय का उत्पादन किया जाता है। यह दार्जिलिंग दार्जिलिंग की अर्थव्यवस्था का मुख्य घटक बना। यहां पर 17,500 हेक्टेयर जमीन पर चाय की खेती की जाती है। यहां पर कई किस्मों की चाय की खेती की जाती है।
यह भी पढ़ें…
Loan Rules : लोन देने के लिए अब वित्तीय संस्थाओं को माननी पड़ेंगी रिजर्व बैंक की ये शर्तें
2.15 अरब डॉलर हुई कुमार मंगलम बिड़ला की नेटवर्थ, जानें अंबानी-अडानी से कितना कम
व्यापार समाचार: Read latest business news in Hindi, Investment News, Insurance News, Personal Finance Tips & Budget News Live Updates at Asianet Hindi News