
Lemon Price Today: गर्मी पूरे शबाब पर है। देश के ज्यादातर शहरों में पारा 42 डिग्री या इसके ज्यादा चल रहा है। ऐसे में सबसे ज्यादा डिमांड नींबू की है। लोग बॉडी में पानी की कमी को दूर करने के लिए नींबू का शर्बत और शिकंजी पी रहे हैं, जिसके चलते इसकी खपत काफी बढ़ गई है। हालांकि, खपत बढ़ने के बावजूद चौंकाने वाली बात ये है कि नींबू की कीमतें बढ़ने के बजाय घट गई हैं। आखिर भीषण गर्मी में नींबू के सस्ते होने की क्या है वजह, जानते हैं।
क्यों कम हुए नींबू के भाव
कुछ दिनों पहले तक नींबू की डिमांड के मुताबिक सप्लाई नहीं हो पा रही थी, जिसके चलते थोक बाजार में इसकी कीमत 100 से 120 रुपए किलो तक पहुंच गई थी। हालांकि, अब महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश से ताजे नींबू की आवक बढ़ने से इसके दाम में कमी देखी जा रही है। यहां तक कि भीषण गर्मी में डिमांड के बाद भी नींबू की थोक में कीमत 70-80 रुपए किलो के आसपास बनी हुई है।
अप्रैल में 160 रुपए किलो तक पहुंच गया था नींबू
अप्रैल के महीने में नींबू के थोक भाव 140-160 रुपए किलो तक पहुंच गए थे। मीडियम साइज का नींबू एक किलो में 40 नग आते हैं। यानी एक नींबू करीब 4-5 रुपए में पड़ रहा था। वहीं, फुटकर में इसी नींबू को 10 रुपए का एक भी बेचा गया। अप्रैल में रमजान और ईद की वजह से भी नींबू की डिमांड बढ़ गई थी, जिसके चलते इसकी कीमतें चढ़ गई थीं।
बारिश होते ही और सस्ता हो जाएगा नींबू
पहली बारिश के बाद से ही नींबू के दाम और सस्ते हो सकते हैं। दरअसल, बारिश के बाद नींबू और ज्यादा मोटे और रसदार हो जाते हैं। बरसात के मौसम में नींबू की खपत कम हो जाती है, जिससे इसकी डिमांड घटने से कीमत अपने आप नीचे आ जाती हैं।
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