
बिजनेस डेस्क : आज 28 दिसंबर को दिग्गज बिजनेसमैन रहे रतन टाटा और धीरूभाई अंबानी का जन्मदिन है। रतन टाटा (Ratan Tata) ने मिडिल क्लास को सबसे सस्ती कार दी तो धीरूभाई अंबानी (Dhirubhai Ambani) ने ऐसी कंपनी बनाई जिसके बनाए प्रोडक्ट्स सुबह से रात तक हमारी जिंदगी का हिस्सा हैं। आइए जानते हैं दोनों बिजनेस टाइकून्स की लाइफ की कहानी...
रतन टाटा का आज 87वां जन्मदिन है। उनका जन्म 28 दिसंबर 1937 को हुआ था। पद्म विभूषण, पद्म भूषण से सम्मानित रतन टाटा का निधन 86 की उम्र में इसी साल 9 अक्टूबर को हुआ। उन्होंने विरासत में मिले कारोबार को एक नया मुकाम दिया और देश की सबसे सस्ती कार बनाकर मिडिल क्लास को शानदार तोहफा दिया था।
रतन टाटा ने देश की पहली स्वदेशी कार इंडिका और सबसे सस्ती कार नैनो बनाकर मिडिल क्लास को बड़ा तोहफा दिया था। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि भारतीय परिवारों को स्कूटर पर परिवार के साथ भीगते देख उनके मन में नैनो कार बनाने का ख्याल आया था। ये परिवार रिस्क लेकर सड़क पर चलते थे, जिन्हें सुरक्षित सफर देने के लिए इस छोटी और सस्ती कार का आइडिया आया था।
रतन टाटा ने प्लान बनाया कि एक लाख की कार लेकर बाजार में आएंगे। 18 मई 2006 को उन्होंने ऐलान किया कि पश्चिम बंगाल के हुगली के सिंगूर में टाटा नैनो कार का प्लांट लगाया जाएगा। तब तत्कालीन सीएम बुद्धदेब भट्टाचार्य ने इसका स्वागत किया लेकिन विपक्ष में बैठी ममता बनर्जी प्रोजेक्ट के लिए जमीनों के अधिग्रहण का विरोध करने लगी। उनकी 24 दिनों तक भूख हड़ताल चली। जिसके बाद 3 अक्टूबर 2008 को रतन टाटा ने प्लान बदलकर नैनो का प्लांट सिंगूर से कहीं और ले जाने का फैसला लिया। तभी गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने उनका स्वागत अपने राज्य में किया और 3.5 लाख रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से 1,100 एकड़ की जमीन दी। कुछ ही समय में गुजरात के सानंद प्लांट पर नैनो नाम की लखटकिया कार बनाई गई। जिसकी लॉन्चिंग 10 जनवरी 2008 को दिल्ली के ऑटो एक्सपो में किया गया। इस कार की कीमत करीब 1 लाख रुपए थी, जिसे 2019 में सेल्स गिरने के बाद बंद कर दिया गया।
धीरूभाई अंबानी का आज 92वां जन्मदिन है। उन्होंने कपड़े के कारोबार से अपनी शुरुआत की और रिलायंस नाम की एक ऐसी कंपनी बना दी, जो एनर्जी, रिटेल, मीडिया-एंटरटेनमेंट, डिजिटल सर्विस जैसे कई सेक्टर्स में काम करती है। देश के हर इंसान की जिंदगी का अहम हिस्सा है। इसके प्रोडक्ट्स सुबह के ब्रेकफास्ट से लेकर रात में सोने तक हमारी जिंदगी में शामिल हैं। धीरूभाई का जन्म 28 दिसंबर 1932 और निधन 6 जुलाई 2002 को हुआ था।
धीरूभाई अंबानी की कंपनी रिलायंस को जब टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए पॉलिएस्टर फाइबर और यार्न प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए कच्चे माल की जरूरत लगी,तब पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स बनाई गई। इस तरह 1980 के दशक में रिलायंस की एंट्री पेट्रोकेमिकल्स सेक्टर में हुई। इसी के बाद गुजरात के जामनगर में रिफाइनरी स्थापित की गई, जो आज दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी भी है। 1966 में बनी रिलायंस आज देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी है। 1977 में उसकी स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग हुई थी। कंपनी पेट्रोकेमिकल्स, ऑयल एंड गैस, रिटेल और टेलीकॉम जैसे मेजर सेक्टर में काम करती है। उसका मार्केट कैप 1646348.49 करोड़ है। 100 से ज्यादा देशों में कंपनी का बिजनेस फैला हुआ है।
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