
बिजनेस डेस्क : मिडिल-ईस्ट में चल रहे तनाव का असर क्रूड ऑयल पर पड़ने लगा है। पिछले 5 दिनों में तेल की कीमतें हवा से बातें कर रही हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी बढ़ सकते हैं। अगर ब्रेंट क्रूड का भाव 90 डॉलर प्रति बैरल के पार गया तो भारत में महंगाई बढ़ सकती है। जुलाई 2024 में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) दर घटकर 4% से भी कम हो गई है, जो RBI के टारगेट से भी कम है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि दुनिया में बढ़ रहे तनाव इससे खुश होने का मौका नहीं देने वाले हैं। इसका असर भारतीय बाजार पर देखने को मिल सकता है।
कितना जाएगा क्रूड ऑयल के रेट्स
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिस तरह दुनियाभर में तनाव बढ़ रहा है, उससे ब्रेंट क्रूड 83 से 88 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है लेकिन अगर यह तनाव बढ़ा तो कीमतें 95 डॉलर प्रति बैरल के पास भी पहुंच सकती हैं। अगर तनाव कम भी होता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ेगा और ब्रेंट क्रूड को करीब 75 डॉलर प्रति बैरल का सपोर्ट मिल सकता है।
ऑयल के दाम बढ़ने से भारत पर असर
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऑयल की कीमतें अगर 10 डॉलर भी बढ़ती हैं तो घरेलू महंगाई दर 0.4% तक बढ़ सकती हैं। दरअसल, देश के कुल आयात में करीब 25% हिस्सा कच्चे तेल की ही है। ऐसे में अगर तेल महंगा होता है तो कई इंडस्ट्री में लागत बढ़ेगी और महंगाई बढ़ जाएगी।
जुलाई में महंगाई दर
जुलाई में देश की महंगाई दर 5 साल के निचले स्तर 3.54% पर आ गई है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में अभी फ्यूल और बिजली का वेटेज 6.84% है, जबकि खाने-पीने की चीजें 45.8% हिस्सेदारी बनाए हुए हैं। इसके बावजूद अगर कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हुआ तो महंगाई बजट बिगाड़ सकती है।
इसे भी पढ़ें
शेख हसीना के जाते ही बर्बादी की राह पर बांग्लादेश! 8 पॉइंट्स में समझें
14 August : दिल्ली में सोना महंगा, जानें यूपी-बिहार में आज का Gold रेट
व्यापार समाचार: Read latest business news in Hindi, Investment News, Insurance News, Personal Finance Tips & Budget News Live Updates at Asianet Hindi News