
बिजनेस डेस्क। महंगाई के मोर्चे पर आम लोगों के लिए अच्छी खबर नहीं है। अक्टूबर महीने में रिटेल महंगाई दर 6.21 प्रतिशत पर पहुंच गई है। ये पिछले 14 महीने में सबसे ज्यादा है। इससे पहले अगस्त, 2023 में खुदरा महंगाई दर 6.89% पर थी। महंगाई दर में उछाल की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी है। बता दें कि रिजर्व बैंक ने महंगाई दर के 6 प्रतिशत तक रहने का अनुमान लगाया था, लेकिन अक्टूबर, 2024 में ये RBI की उम्मीद से भी कहीं आगे निकल गई।
अक्टूबर, 2024 में खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर बढ़कर 10.87% पर पहुंच गई है। सितंबर के महीने में ये 9.24 प्रतिशत पर थी। वहीं, एक साल पहले यानी अक्टूबर, 2023 में ये 6.61 प्रतिशत थी। अक्टूबर, 2024 में अनाज, मीट-मछली, दूध, खाने का तेल, फल, सब्जियां, दालें, मसाले, सॉफ्ट ड्रिंक्स, पान-तंबाकू, कपड़े-जूते, ईंधन और बिजली के दामों में तेजी के चलते महंगाई दर में इजाफा हुआ।
बता दें कि शहरी महंगाई सितंबर, 2024 के 5.05% से बढ़कर अक्टूबर, 2024 में 5.62% हो गई है। वहीं, ग्रामीण इलाकों की महंगाई दर भी 5.87% से बढ़कर 6.68% पर पहुंच गई है। बता दें कि महंगाई के बास्केट में करीब 50 प्रतिशत योगदान खाने-पीने की चीजों का ही होता है।
महंगाई की वजह से समय के साथ रुपये के मूल्य में गिरावट आने लगती है। मसलन, अगर आज किसी गाड़ी की कीमत 10 लाख रुपए है तो 20 साल बाद सोचिए कि उसकी कीमत कितनी ज्यादा हो जाएगी। जैसे 20 साल पहले वस्तुओं की कीमत आज से काफी कम हुआ करती थी। ये अंतर ही रुपये की कीमत को कम कर देता है। महंगाई का सीधा संबंध आपके खरीदने की ताकत से है। उदाहरण के लिए अगर महंगाई दर 5 प्रतिशत पर है तो आपके द्वारा कमाए गए 100 रुपए का मूल्य सिर्फ 95 रुपए ही होगा।
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