
बिजनेस डेस्क : शेयर बाजार में पैसा लगाते ही आपको 7 तरह के चार्ज देने पड़ते हैं। अब सेबी (SEBI) एक नया चार्ज लगाने की तैयारी में है। बाजार नियामक ने इसके संकेत भी दिए हैं। सेबी के सदस्य अनंत नारायण ने बताया कि कई ब्रोकरेज फर्म निवेशकों को शून्य ब्रोकिंग चार्ज ऑफर करते हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा निवेशक उनके पास आएं। जिसे देखते हुए उन्हें अब मार्केट ड्राइवेन चार्ज (Driven Charge) लगा सकते हैं। निवेशकों को पहले से ही बाजार में अलग-अलग टैक्स और शुल्क लगते हैं। ऐसे में अगर नया चार्ज आया तो 8 शुल्क देने पड़ेंगे।
शेयर मार्केट में कौन-कौन से 7 चार्ज लगते हैं
शेयर मार्केट में अब 8वां चार्ज क्यों लग रहा है
अनंत नारायण का कहना है कि 'निवेशकों को एक तय रकम का भुगतान करना चाहिए, जो शुल्क कैपिटल मार्केट का एक्सेस लेने और मार्केट ड्राइवेन और ट्रांसपैरेंट प्राइजेज के लिए वसूला जाना चाहिए। निवेशकों को भी यह समझना चाहिए कि कुछ भी फ्री नहीं आता है।'
बाजार में होने जा रहे बदलाव
अभी सेबी दो बड़े बदलाव करने जा रही है। पहला UPI ब्लॉक मैकेनिज्म, जिसमें निवेशकों को कैपिटल मार्केट में पैसे लगाने के लिए ब्रोकिंग फर्म को पेमेंट करने की जरूरत नहीं है। निवेशक को जितने शेयर खरीदने हैं, उतने पैसे ब्लॉक हो जाएंगे। जब स्टॉक डीमैट अकाउंट में क्रेडिट होंगे, तब बाद में खाते से पैसे काटे जाएंगे। अभी यह ऑप्शनल है, बाद में अनिवार्य भी किया जा सकता है। वहीं, दूसरा बदलाव स्लैब बेस्ड ट्रांजेक्शन चार्ज से जुड़ा है, जो खत्म होने जा रहा है। ब्रोकरेज फर्म पर पड़ने वाले दबाव को देखते हुए 1 अक्टूबर, 2024 से एक्सचेंज सभी ब्रोकिंग फर्म पर एक बराबर ट्रांजैक्शन चार्ज लेना शुरू कर देंगे, जो वॉल्यूम के आधार पर लगाए जाएंगे।
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