
बिजनेस डेस्क. एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट ने 150 केबिन क्रू सदस्यों को तीन महीने के लिए छुट्टी पर भेजने का फैसला किया है। ऐसे में विमानन नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA ने कंपनी पर कड़ी निगरानी रख दी है। इसमें वित्तीय संकटों के कारण छुट्टियों का वेतन नहीं दिया जाएगी। यानी की ये अनपेड लीव है। आपको बता दें कि स्पाइसजेट एयरलाइंस पहले से ही कम विमानों का परिचालन कर रही है। कंपनी के फिलहाल 22 विमान कार्यरत है।
जानें क्या है कंपनी का कहना
कंपनी के स्पोक्सपर्सन ने कहा कि स्पाइसजेट ने 150 केबिन क्रू सदस्यों को तीन महीने के लिए अस्थाई रूप से छुट्टी पर भेजने का मुश्किल फैसला लिया है। ट्रैवल का ऑफ सीजन है और एक्टिव विमानों की संख्या में कमी आई है। साथ ही कंपनी लॉन्ग टर्म स्टेबिलिटी के बारे में सोच रही है। ऐसे में कंपनी ने ऐसा फैसला लिया है।
कंपनी का कहना है कि इस छुट्टी के दौरान कर्मचारियों को स्पाइसजेट के कर्मचारी बने रहेंगे, जिसमें मेडिकल लीव और कैजुअल लीव भी शामिल है।
जानें स्पाइसजेट के शेयरों की हालत
29 अगस्त को बाजार बंद होने तक स्पाइसजेट के शेयरों में 6.38% की ग्रोथ देखी गई है। वहीं इसका शेयर प्राइज 66.23 रुपए था। इसके अलावा बीते महीने भी शेयर में 15% और बीते साल 109% की शानदार ग्रोथ देखी गई थी।
कंपनी को दूसरी तिमाही में जबरदस्त मुनाफा
स्पाइसजेट ने 2024 की दूसरी तिमाही में 26% ग्रोथ के साथ 150 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। वहीं पहली तिमाही में ये शुद्ध लाभ 119 करोड़ रुपए था।
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