
Tata group to manufacture Apple iphone in India: भारत में एप्पल आईफोन जल्द ही बनना शुरू हो जाएगा। टाटा ग्रुप ढाई साल के भीतर डोमेस्टिक और ग्लोबल मार्केट के लिए आईफोन का निर्माण करेगा। इलेक्ट्रानिक्स और प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार को बताया कि टाटा समूह ढाई साल के भीतर घरेलू और वैश्विक बाजारों के लिए भारत में एप्पल आईफोन बनाना शुरू कर देगा। यह डेवलपमेंट, भारत की बढ़ती उत्पादन क्षमता को रेखांकित करता है और दुनिया भर के ग्राहकों को ज्यादातर चीनी निर्मित नए उपकरण बेचने की एप्पल की पिछली रणनीति से एक महत्वपूर्ण प्रस्थान को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस शुरूआत के साथ टाटा ग्रुप भारत का पहला घरेलू आईफोन निर्माता बन जाएगा।
केंद्रीय राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ट्वीट किया: इलेक्ट्रानिक्स और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ग्लोबल इंडियन इलेक्ट्रानिक्स कंपनियों के ग्रोथ के लिए पूरे सपोर्ट में खड़ा है जो भारत को अपना विश्वसनीय मैन्युफैक्चरिंग और टैलेंट पार्टनगर बनाना चाहते हैं साथ ही भारत को ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स शक्ति बनाने के पीएम के लक्ष्य को साकार करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी पीएलआई योजना ने पहले ही भारत को स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट के लिए एक विश्वसनीय और प्रमुख केंद्र बनने के लिए प्रेरित किया है। अब महज ढाई साल के भीतर TataCompanies अब भारत से घरेलू और वैश्विक बाजारों के लिए iPhone बनाना शुरू कर देगी। विस्ट्रॉन का संचालन संभालने के लिए टाटा टीम को बधाई। आपके योगदान के लिए विस्ट्रॉन को धन्यवाद और भारतीय कंपनियों के नेतृत्व में भारत से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बनाने में एप्पल के लिए बहुत अच्छा कदम है।
टाटा ने किया विस्ट्रान कॉर्प के ऑपरेशन्स का टेकओवर
टाटा ग्रुप ने अधिकारिक बयान देकर बताया कि ग्रुप ने एप्पल सप्लायर विस्ट्रॉन कॉर्प के ऑपरेशन्स का अधिग्रहण कर लिया है।
पीयूष गोयल ने साल के शुरूआत में बताई थी यह बात
इस साल की शुरुआत में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि Apple ने 2022 में भारत से 5 बिलियन डॉलर (लगभग 41,200 करोड़ रुपये) का माल निर्यात किया जबकि कंपनी की योजना देश में 25 प्रतिशत ग्लोबल यूनिट्स का उत्पादन अगले चार से पांच साल में करने की है।
क्या है पीएलआई?
पीएलआई (प्रोडक्शना-लिंक्ड प्रोत्साहन) योजना का उद्देश्य घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना, नौकरियां पैदा करना और एक्सपोर्ट को सपोर्ट करना है। पीएलआई की घोषणा 2021 में 14 क्षेत्रों में की गई थी। इन क्षेत्रों में बड़े पैमानो पर इलेक्ट्रानिक मैन्युफैक्चरिंग, कपड़ा, मेडिकल इक्वीपमेंट्स, ऑटोमोबाइल्स, स्टील, फूड प्रोडक्ट्स, हाई क्वालिटी के सोलर पीवी माड्यूल, एडवांस केमिस्ट्री सेल बैटरी, ड्रोन और फार्मास्युटिकल्स आदि शामिल है।
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