
मुंबई। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) को वित्त वर्ष 2023-2024 में 135 करोड़ रुपए वेतन मिले हैं। यह पिछले साल की तुलना में 20% अधिक है। वह कंपनी के सबसे बड़े अधिकारी हैं।
टाटा संस के CFO सौरभ अग्रवाल को वित्त वर्ष 2023-2024 में 30 करोड़ रुपए सैलरी मिली है। वह टाटा ग्रुप में सबसे अधिक सैलरी पाने के मामले में दूसरे नंबर पर हैं। उनकी कमाई टाटा समूह की कंपनियों जैसे टीसीएस, टाटा स्टील और IHCL (जो ताज होटल चलाती है) के प्रमुखों के वित्त वर्ष 24 के वेतन से ज्यादा थी। अग्रवाल की कमाई पिछले साल की तुलना में लगभग 8% बढ़ी है।
TCS के CEO के कृतिवासन को मिले 25 करोड़ रुपए
वित्त वर्ष 24 में TCS के CEO के कृतिवासन को 25 करोड़ रुपए, IHCL के प्रमुख पुनीत चटवाल को 19 करोड़ रुपए और टाटा स्टील के प्रमुख टी वी नरेंद्रन को 17 करोड़ रुपए वेतन मिले। कृतिवासन ने 1 अप्रैल 2023 से 31 मई 2023 तक टीसीएस के BFSI के वैश्विक प्रमुख के रूप में काम किया। 1 जून 2023 से 31 मार्च 2024 तक वह TCS के CEO रहे।
टाटा समूह की अन्य कंपनियों के सीईओ-टाटा पावर के प्रवीर सिन्हा और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के सुनील डिसूजा को 10-10 करोड़ रुपए मिले। टाटा केमिकल्स के आर मुकुंदन को 8 करोड़ रुपए मिले। कई सीईओ के पास उन टाटा कंपनियों के शेयर भी हैं, जिन्हें वे चलाते हैं। इससे उनकी आमदनी बढ़ जाती है।
चंद्रशेखरन को वित्त वर्ष 2023-2024 के वेतन में कंपनी के मुनाफे पर कमीशन के रूप में 122 करोड़ रुपए मिले। उन्हें वेतन और भत्ते के रूप में 13 करोड़ रुपए मिले। विप्रो के पूर्व सीईओ थिएरी डेलापोर्ट को वित्त वर्ष 24 में 167 करोड़ रुपए मिले हैं। विप्रो के सातवें प्रमुख डेलापोर्टे ने कंपनी में अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किए बिना ही इस्तीफा दे दिया था।
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