
बिजनेस डेस्क। अमेरिकी अभियोजकों ने भारत के उद्योगपति गौतम अडानी और अन्य अधिकारियों पर 250 मिलियन डॉलर (2111 करोड़ रुपए) की रिश्वतखोरी योजना रचने का आरोप लगाया है। इसके बाद अडानी समूह ने अपनी 600 मिलियन डॉलर (5066 करोड़ रुपए) की बांड पेशकश रद्द कर दी है।
अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) और प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) ने अडानी समूह के खिलाफ आरोप लगाए हैं। इससे एशियाई कारोबार में अडानी के अमेरिकी डॉलर बांड की कीमतों में भारी गिरावट आई है। कुछ प्रतिभूतियों के दाम में 15 सेंट तक की गिरावट आई।
कानूनी घटनाक्रम का हवाला देते हुए अडानी समूह ने बॉन्ड की कीमत तय होने के कुछ ही घंटों बाद बिक्री रद्द कर दिया। आरोप लगाया गया है कि अडानी समूह के अधिकारियों ने उच्च मूल्य वाले सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत दी। सागर अडानी और विनीत जैन पर आरोप लगे हैं। इनपर अमेरिकी बाजारों से धन जुटाने के दौरान निवेशकों को गुमराह करने का आरोप है।
सिंगापुर स्थित एसजीएमसी कैपिटल के फंड मैनेजर मोहित मीरपुरी ने ब्लूमबर्ग को दिए बयान में कहा, "अडानी समूह ने हिंडनबर्ग द्वारा पहले लगाए गए आरोपों को झेल लिया है। इस बार मामले अधिक गंभीर है। ये आरोप मौजूदा शासन और नियामक जोखिमों को उजागर करते हैं।"
अडानी ग्रीन ने बयान जारी कर कहा, "अमेरिका के न्याय विभाग और प्रतिभूति और विनिमय आयोग ने हमारे बोर्ड के सदस्यों गौतम अडानी और सागर अडानी के खिलाफ शिकायत की है। न्यूयॉर्क के कोर्ट में आपराधिक अभियोग जारी किया है और दीवानी शिकायत दर्ज की है।"
अडानी ग्रीन एनर्जी ने कहा, "अमेरिकी न्याय विभाग ने हमारे बोर्ड के सदस्य विनीत जैन को भी इस तरह के आपराधिक अभियोग में शामिल किया है। इन घटनाक्रमों के मद्देनजर हमारी सहायक कंपनियों ने फिलहाल प्रस्तावित अमेरिकी डॉलर के बांड की पेशकश को आगे न बढ़ाने का फैसला किया है।"
बता दें कि आरोपों के बाद अडानी समूह के शेयरों में 20% तक की गिरावट आई है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर अडानी ग्रीन के शेयरों में 18% की गिरावट आई है।
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