
Visa Explained : भारत सरकार ने 24 जुलाई 2025 से चीनी पर्यटकों को वीजा जारी करना फिर से शुरू कर दिया है। 2020 में कोरोना और गलवान घाटी टकराव के बाद भारत ने ये सुविधा बंद कर दी थी। अब तीन बड़े चीनी शहरों बीजिंग, शंघाई और ग्वांगझोउ में भारतीय वीजा सेंटर पर चीनी नागरिक आवेदन कर सकेंगे। इस कदम से दोनों देशों के रिश्तों में नरमी की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में आइए जानते हैं वीजा क्या होता है, कैसे मिलता है और टॉप 10 देश कौन, जहां का वीजा पाना सबसे मुश्किल है?
अगर आपके पास भारतीय पासपोर्ट है तो आप दुनिया के कई देशों की यात्रा कर सकते हैं। लेकिन हर जगह जाने के लिए सिर्फ पासपोर्ट काफी नहीं होता। इसके लिए वीजा की जरूरत होती है। यानी जिस देश में आप जाना चाहते हैं, वहां की सरकार आपको कुछ समय के लिए आने-जाने और रुकने की अनुमति (Visa) देती है। पासपोर्ट सिर्फ आपकी पहचान है, लेकिन वीजा वो अनुमति है जो किसी देश में एंट्री लेने के लिए जरूरी होती है।
वीजा एक ऑफिशियल डॉक्यूमेंट है, जो आपको किसी देश में एक तय समय और उद्देश्य के लिए जाने की अनुमति देता है। इसके बिना ज्यादातर देशों में आप नहीं जा सकते हैं। वीजा से ही बाकी देश ट्रैवल की अनुमति देते हैं।
टूरिस्ट वीजा- घूमने के लिए
बिजनेस वीजा- बिजनेस या मीटिंग के लिए
स्टूडेंट वीजा- पढ़ाई के लिए
वर्क वीजा- नौकरी के लिए
ट्रांजिट वीजा- किसी देश से गुजरने के लिए
ई-वीजा या वीजा ऑन अराइवल- ऑनलाइन या पहुंचते ही वीजा मिल जाना
पासपोर्ट (कम से कम 6 महीने वैलिडिटी)
फोटो
ट्रैवल प्लान और बुकिंग डिटेल्स
बैंक स्टेटमेंट
वीजा फीस
कभी-कभी इंटरव्यू
गलत या अधूरी डिटेल्स- फार्म में गलत नाम, DOB, पासपोर्ट नंबर या अधूरे डॉक्यूमेंट्स वीजा रिजेक्शन के सबसे कॉमन वजह बनते हैं।
खराब ट्रैवल हिस्ट्री- अगर आपकी यात्रा का पिछला रिकॉर्ड साफ नहीं है, जैसे किसी देश में तय समय से ज्यादा रुकना या वहां के नियमों का उल्लंघन करना, तो अगली बार वीजा मिलने में दिक्कत आ सकती है।
कमजोर फाइनेंशियल बैकअप- बैंक स्टेटमेंट या फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट यह साबित नहीं कर पाते कि आप ट्रैव और वहां रहने-खाने का खर्च उठा सकते हैं।
इंटरव्यू में गड़बड़ी- इंटरव्यू के दौरान घबराना, झूठ बोलना या गोलमोल जवाब देना वीजा रिजेक्शन का कारण बन सकता है।
ट्रैवल का मकसद साफ न होना- कई बार लोग बताते नहीं कि वो किस मकसद से सफर कर रहे हैं, जिससे अधिकारियों को संदेह हो जाता है।
भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स बिना वीज़ा के 59 देशों की ट्रैवल कर सकते हैं। यह जानकारी हाल ही में जारी 'हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2025' में दी गई, जिसमें भारत को 77वीं रैंक मिली है। जिन देशों में इंडियन वीजा-फ्री एंट्री पा सकते हैं, उनमें भूटान, नेपाल, मालदीव, कंबोडिया, इंडोनेशिया, सेशेल्स, केन्या, तंजानिया, फिलीपींस, श्रीलंका, थाईलैंड, जॉर्डन, ईरान, अंगोला, बुरुंडी, सोमालिया, म्यांमार, लाओस, फिजी, जमैका, हैती, सेंट लूसिया, सेंट विंसेंट, बारबाडोस और पलाऊ जैसे देश शामिल हैं।
रूस (Russia)
क्यूबा (Cuba)
ईरान (Iran)
तुर्कमेनिस्तान (Turkmenistan)
चाड (Chad)
भूटान (Bhutan)
सऊदी अरब (Saudi Arabia)
वेस्टर्न सहारा (Western Sahara)
सोमालिया (Somalia)
उत्तर कोरिया (North Korea)
सोर्स- visaguide.world
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सामान्य जानकारी पर आधारित है। वीजा नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं। किसी भी देश के वीजा के लिए अप्लाई करने से पहले आधिकारिक दूतावास या वीजा पोर्टल से कंफर्म करना जरूरी है।
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