
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बेशक आयकर की नई व्यवस्था में अब तक मिलने वाली कई रियायतों और छूट को समाप्त करने की घोषणा कर दी है लेकिन सरकार का कहना है कि नई कर व्यवस्था में भी पेंशन, एनपीएस निकासी के अलावा वीआरएस में मिलने वाली पांच लाख रुपये तक की राशि पर कर छूट उपलब्ध होगी।
वित्त मंत्री ने शनिवार को संसद में पेश 2020- 21 के बजट में व्यक्तिगत आयकर ढांचे में व्यापक बदलाव की घोषणा की है। नयी कर व्यवस्था में पांच लाख रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले करदाताओं के लिये कर की कम दरों का प्रस्ताव किया गया है। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कई तरह की कर रियायतों और छूट को समाप्त कर दिया। पुरानी कर व्यवस्था में 120 के करीब छूट और रियायतें दी गईं थी इनमें से 70 को हटाया गया है।
नयी कर व्यवस्था के तहत जो कर छूट और रियायतें उपलब्ध होंगी वे इस प्रकार हैं।
: कृषि से होने वाली आय।
: अविभाजित हिंदू परिवार के किसी सदस्य को परिवार की संपत्ति से मिलने वाला धन।
: कंपनी के भागीदार को मिलने वाला लाभ का हिस्सा।
: प्रवासी भारतीयों को कुछ प्रतिभूतियों, ऋणपत्रों तथा प्रावासी (बाह्य) खाते में रखे धन पर मिलने वाला ब्याज।
: विदेशी राजनयिकों, दलों तथा प्रशिक्षुओं को होने वाली आय।
: विदेश में सेवा के बदले किसी भारतीय नागरिक को भारत सरकार से मिलने वाली राशि।
: मृत्यु तथा सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली ग्रैच्यूटी (सरकारी कर्मचारियों के लिये कोई सीमा नहीं, अन्य के लिये 20 लाख रुपये तक)
: सेवानिवृत्ति के समय बची छुट्टियों के बदले मिलने वाली नकदी (सरकारी कर्मचारियों के लिये कोई सीमा नहीं, अन्य के लिये तीन लाख रुपये तक)
: भोपाल गैस त्रासदी के भुक्तभोगियों को मिलने वाला मुआवजा
: किसी आपदा की स्थिति में सरकार से मिलने वाली सहायता राशि
: वीआरएस के तहत मिलने वाली पांच लाख रुपये तक की राशि होगी कर मुक्त
: जीवन बीमा पॉलिसी से बोनस समेत मिलनी वाली राशि (कुछ शर्तों के साथ)
: मृत्यु पर बीमा से मिलने वाली राशि (बिना शर्तों के)
: जीपीएफ या पीपीएफ से मिलने वाला ब्याज
: सुकन्या समृद्धि खाते से मिलने वाली राशि
: एनपीएस को बंद करने पर मिलने वाला भुगतान व आंशिक निकासी
: पेंशन मद में मिलने वाला भुगतान (कुछ शर्तों के साथ)
: छात्रवृत्ति की राशि
: सरकार या सरकारी संस्थान से किसी सम्मान के साथ मिलने वाली राशि
: शौर्य सम्मान के तहत मिलने वाली पेंशन
: नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम अथवा नॉर्थ चाचर हिल्स, मिकिर हिल्स, खासी हिल्स, जयंतिया हिल्स और गारो हिल्स अथवा लद्दाख के जिले के निवासियों को लाभांश के तौर पर या प्रतिभूतियों के ब्याज से होने वाली आय।
: सिक्किम के निवासियों को सरकार से अथवा लाभांश के तौर पर या प्रतिभूतियों के ब्याज से होने वाली आय
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
(फाइल फोटो)
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