
Who is Rakesh Trehan: चंडीगढ़ में इन दिनों एक अनोखे ‘लंगर’ की चर्चा है। लंगर में आमतौर पर खाना खिलाया जाता है, लेकिन यहां लोगों को मुफ्त पेट्रोल दिया जा रहा है। अमृतसर के राकेश त्रेहन, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘राजा दी किंग’ के नाम से जाना जाता है, 18 अगस्त को चंडीगढ़ के सेक्टर-7 और सेक्टर-10 स्थित पेट्रोल पंपों पर लोगों को मुफ्त पेट्रोल के लिए कूपन दे रहे हैं। छोटे वाहनों के लिए 500 रुपये और बड़े वाहनों के लिए 1000 रुपये का कूपन देने की बात कही गई है। लेकिन पेट्रोल बांटने की चर्चा के बीच बड़ा सवाल यह है कि आखिर राजा दी किंग कौन हैं और इतनी रकम लोगों की सेवा में लगाने का उनका मॉडल क्या है?
राकेश त्रेहन मूल रूप से अमृतसर के रहने वाले हैं। उनके पिता कपड़ा कारोबार से जुड़े थे। राकेश त्रेहन का कहना है कि उन्हें अपने पिता की संपत्ति का एक हिस्सा मिला और वह लंबे समय से निवेश के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, त्रेहन का दावा है कि वह वर्ष 2010 से क्रिप्टोकरेंसी और शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं। उनका कहना है कि Bitcoin से होने वाले मुनाफे का एक हिस्सा वह जरूरतमंदों की मदद और इस तरह के लंगर आयोजित करने में खर्च करते हैं। हालांकि, उनके निवेश, कुल संपत्ति या Bitcoin से होने वाले मुनाफे की स्वतंत्र वित्तीय पुष्टि सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं है। यही वजह है कि ‘राजा दी किंग’ की कहानी में सबसे दिलचस्प हिस्सा सिर्फ उनका लंगर नहीं, बल्कि उसके पीछे का आर्थिक मॉडल है।
त्रेहन के सार्वजनिक बयानों के मुताबिक उनका मॉडल सीधा है, निवेश से कमाई और उस कमाई का एक हिस्सा लोगों की सेवा में लगाना। लेकिन यहां कई सवाल उठते हैं। मसलन, Bitcoin या शेयर बाजार में उन्होंने शुरुआती तौर पर कितनी रकम लगाई? आज उनका निवेश कितना है? साल में औसतन कितना मुनाफा होता है? और उस मुनाफे का कितना हिस्सा सामाजिक कार्यों पर खर्च किया जाता है? इन सवालों के स्पष्ट जवाब उपलब्ध नहीं हैं।
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यह पहली बार नहीं है जब राकेश त्रेहन किसी अनोखे लंगर को लेकर चर्चा में आए हैं। चंडीगढ़ के सेक्टर-8 में आयोजित एक पिछले कार्यक्रम में 500-500 रुपये के नोट बांटने के साथ फास्ट फूड, McDonald's के बर्गर और कोल्ड ड्रिंक उपलब्ध कराने की बात सामने आई थी। यानी उनके आयोजनों में पारंपरिक भोजन के साथ अब नकद राशि, पेट्रोल और भविष्य में iPhone जैसे महंगे सामान को भी ‘लंगर’ के रूप में जोड़ने की कोशिश दिखाई दे रही है।
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पेट्रोल के बाद राकेश त्रेहन की ओर से iPhone बांटने की बात भी कही गई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने iPhone बांटे जाएंगे, कौन-सा मॉडल होगा, इसकी पात्रता क्या होगी और कुल बजट कितना होगा। इसलिए iPhone लंगर को फिलहाल उनकी घोषित योजना के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, न कि निश्चित आयोजन के तौर पर।
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