
जब भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की किस्त जारी होने का समय आता है, तो करोड़ों किसानों के चेहरों पर उम्मीद की चमक होती है। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि आपके पड़ोस के किसान के खाते में 2,000 रुपये जमा होने का मैसेज आ जाता है, और आप अपने खाली बैंक बैलेंस को देखकर निराश रह जाते हैं?
यह कोई तकनीकी खराबी नहीं है, बल्कि एक ऐसी छोटी सी कागजी गलती है जो आज लाखों किसान अनजाने में कर रहे हैं। वर्ष 2026 में सरकार ने इस योजना के नियमों को और भी सख्त कर दिया है ताकि पैसा केवल सही हाथों में जाए। आइए जानते हैं कि आखिर वह कौन सी गलती है और आप इसे कैसे सुधार सकते हैं।
यह भी पढ़ें: यूरोप को पाकिस्तान की अचानक क्या जरूरत पड़ गई है? समझिए काजा कल्लास की कूटनीतिक मजबूरी
सरकार अब हर लाभार्थी का पैसा सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजती है, जिसे आधार-बेस्ड पेमेंट सिस्टम (ABPS) कहा जाता है। अगर आपके खाते और आधार के बीच इस सिस्टम का सही तालमेल नहीं है, तो आपकी किस्त का पैसा बीच में ही अटक जाएगा। आपके खाते में पैसा न आने के मुख्य रूप से चार कारण हो सकते हैं:
साल 2026 में बिना ई-केवाईसी के अगली किस्त मिलना लगभग नामुमकिन है। सरकार ने सभी पंजीकृत किसानों के लिए इसे अनिवार्य कर दिया है। अगर आपने अभी तक इसे पूरा नहीं किया है, तो आप पीएम-किसान पोर्टल पर जाकर ओटीपी के जरिए इसे पूरा कर सकते हैं। इसके अलावा, अब पीएम-किसान मोबाइल ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा स्कैन करने की तकनीक) की सुविधा भी आ गई है, जिससे आप बिना ओटीपी के भी घर बैठे अपना केवाईसी कर सकते हैं। आप चाहें तो अपने नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर जाकर बायोमेट्रिक तरीके से भी इसे पूरा करा सकते हैं।
यह आज के समय में किसानों द्वारा की जाने वाली सबसे बड़ी गलती है। अगर आपके आधार कार्ड में नाम 'Ramesh Kumar' है और पीएम किसान के रिकॉर्ड में सिर्फ 'Ramesh' लिखा है, तो सिस्टम आपका पैसा रोक देगा। पैसे के भुगतान के लिए नाम की स्पेलिंग अक्षर-दर-अक्षर आधार कार्ड से मिलनी चाहिए।
अप्रैल 2026 से लैंड सीडिंग को लेकर नियम बहुत कड़े कर दिए गए हैं। यदि आपके स्टेटस में 'Land Seeding' के आगे 'No' लिखा है, तो आपकी किस्त रोक दी जाएगी। इसका मतलब है कि आपके जमीन के कागजात पीएम किसान के सेंट्रल डेटाबेस से जुड़े नहीं हैं। इसे सही कराने के लिए आपको अपनी खतौनी (जमीन के कागजात), आधार कार्ड और बैंक पासबुक लेकर अपने स्थानीय पटवारी या कृषि अधिकारी से संपर्क करना होगा।
पीएम किसान की राशि अब केवल उसी खाते में जाती है जो आधार और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के मैपर से लिंक हो। कई बार किसानों को लगता है कि उन्होंने खाता खुलवाते समय आधार दिया था, लेकिन अगर वह एनपीसीआई पर एक्टिव नहीं है, तो पैसा नहीं आएगा। इसके लिए आपको अपनी बैंक शाखा में जाकर अपना बैंक खाता आधार से लिंक करवाना होगा।
आपको यही सलाह है कि किस्त का इंतजार करने से बेहतर है कि आप आज ही अपना स्टेटस चेक करें और कमी को दूर करें।
अगर आपको स्टेटस चेक करने या किसी भी प्रकार के सुधार में कोई तकनीकी परेशानी आ रही है, तो सरकार ने किसानों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। आप टोल-फ्री नंबर 155261 या 1800-11-5526 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा 011-24300606 पर भी संपर्क किया जा सकता है, या फिर pmkisan-helpdesk@nic.in पर अपनी समस्या ईमेल की जा सकती है।
यह भी पढ़ें: 17 साल के छात्र के सवालों से हिल गया पूरा CBSE, मोदी सरकार ने कर दी बड़ी कार्रवाई
अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।