भारतीय टेक आंत्रप्रेन्योर उत्कर्ष नंदा ने स्टार्टअप की कठिनाइयां शेयर कीं। कंपनी बनाने के लिए वह 2 साल से परिवार से दूर हैं। काम के तनाव से उनकी सेहत खराब हुई और 20 किलो वजन बढ़ गया।

एक स्टार्टअप को सफल बनाना कोई बच्चों का खेल नहीं है। इसके पीछे बहुत बड़ी मेहनत और कुर्बानियां होती हैं। अमेरिका में रहने वाले एक भारतीय टेक आंत्रप्रेन्योर ने इसी सच्चाई को दुनिया के सामने रखा है। उत्कर्ष नंदा नाम के इस युवक ने बताया कि अपनी कंपनी को खड़ा करने के चक्कर में उनकी सेहत खराब हो गई और वह परिवार को भी वक्त नहीं दे पाए।

उत्कर्ष ने एक वीडियो में अपनी ज़िंदगी की झलक दिखाई, जिसमें वह एक छोटे से कमरे में दिन-रात काम करते दिख रहे हैं। उन्होंने बताया कि बिजनेस पर फोकस करने के चक्कर में वह पिछले दो साल से अपने घर जाकर माता-पिता से नहीं मिल पाए हैं। उनकी सेहत पर भी इसका बुरा असर पड़ा है।

वीडियो में कमरे में पड़ी डाइट कोक की बोतलें दिखाते हुए उत्कर्ष कहते हैं कि काम के स्ट्रेस की वजह से उन्हें अनहेल्दी आदतें लग गईं। इसी वजह से कुछ ही महीनों में उनका वजन 20 किलो बढ़ गया।

View post on Instagram

उत्कर्ष ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, 'मुझे अपनी आत्मा को बचाने के लिए एक मिलियन डॉलर के निवेश की ज़रूरत है।' इस वीडियो पर कई लोगों ने कमेंट किया है। दूसरे स्टार्टअप फाउंडर्स ने भी कहा कि वे भी इसी तरह के अकेलेपन और टेंशन से गुजरते हैं।

आपको बता दें कि उत्कर्ष 'माइंडहब' (MindHub) के फाउंडर हैं। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो AI कन्वर्सेशन को एक जगह इकट्ठा करके एक सोशल नेटवर्क बनाने का काम करता है।