
बिजनेस डेस्कः पीएम मोदी (PM Modi) ने शुक्रवार को भारत के पहले इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (International Bullion Exchange) को लॉन्च किया है। उन्होंने गांधीनगर के पास इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) में इस एक्सचेंज को लॉन्च किया है। फिजिकल गोल्ड (Gold) और सिल्वर (Silver) की बिक्री इस एक्सचेंज के मार्फत होगी। बता दें कि इस एक्सचेंज की लॉन्चिंग में एक साल की देरी हुई है। कई ट्रायल और ड्राई रन के बाद इसे लॉन्च किया गया है। आपको बताते हैं कि बुलियान एक्सचेंज क्या है।
बुलियन क्या होता है
उच्च शुद्धता का फिजिकल गोल्ड और सिल्वर को बुलियन कहते हैं। इसे बार, सिल्लियों या सिक्कों के रूप में रखा जाता है। बुलियन को कई बार लीगल टेंडर भी मान लिया जाता है। केंद्रीय बैंक इसे स्वर्ण भंडार के रुप में रखते हैं। इसे संस्थागत इन्वेस्टर्स द्वारा भी अपने पास रखा जाता है।
बुलियन एक्सचेंज लॉन्च करने का उद्देश्य
वर्ष 1990 के दौरान नोमिनेटेड बैंकों और एजेंसियों ने सोने के इंपोर्ट की शुरुआत की गई थी। अब पहली बार भारत में योग्य ज्वैलर्स को आईआईबीएक्स (IIBX) के जरिये सोने के आयात की अनुमति मिली है। इस कारण ही यह एक्सचेंज अपने आप में बेहद खास बन जाता है। इसके जरिये आयात के लिए ज्वेलर्स को ट्रेडिंग मेंबर या ट्रेडिंग पार्टनर होना जरूरी है। एक्सचेंज ने फिजिकल गोल्ड और सिल्वर को स्टोरेज के लिए बेहतरीन और जरूरत के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर भी डेवलप किया है।
डॉलर में कर सकेंगे ट्रेडिंग
IIBX के सीईओ और एमडी अशोक गौतम ने इस महीने एक जरूरी बात कही थी। उन्होंने कहा था कि इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज को स्टैबलिश करने के पीछे हमारी एक अलग सोच है। इससे एक एक्सचेंज पर कमोडिटीज की ट्रेडिंग को कैपेबल बनाया जाए। बता दें कि यह इंटरनेशनल एक्सचेंज है, इसलिए इसमें अमेरिकी डॉलर में ट्रेडिंग को अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि IIBX पर कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग के कारण जो बी अंतरराष्ट्रीय निवेशक या बिजनेसमैन हैं, वे यहां की हमारी सेवाओं को लेकर ज्यादा सहज महसूस करेंगे।
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