PPF-सुकन्या खाताधारकों के लिए बड़ी खबर, Post Office ने अचानक बदला यह नियम!

Published : Oct 08, 2026, 10:49 PM IST
Post Office

सार

Post Office Interest Adjustment Rule: PPF, सुकन्या समेत पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं में ब्याज सुधार का नियम बदला है। अब ब्याज एडजस्टमेंट के लिए Maker-Checker सिस्टम से डबल वेरिफिकेशन जरूरी होगा।

Post Office New Rule: पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं में पैसा लगाने वालों के लिए एक अहम प्रशासनिक बदलाव हुआ है। अब PPF, सुकन्या समृद्धि योजना और दूसरी बचत योजनाओं में ब्याज की रकम में सुधार किसी एक कर्मचारी की एंट्री से नहीं हो सकेगा। इसके लिए सरकार ने Maker-Checker सिस्टम लागू किया है, यानी ब्याज में बदलाव से पहले दो स्तर पर जांच जरूरी होगी।

PPF से सुकन्या तक इन खातों पर असर

नया सिस्टम पोस्ट ऑफिस की कई लोकप्रिय योजनाओं पर लागू होगा। इनमें PPF, Sukanya Samriddhi Yojana, Post Office Savings Account, MIS, SCSS और NSC शामिल हैं। अगर किसी खाते में तकनीकी या अन्य वजह से ब्याज की रकम गलत दर्ज हो गई है और उसमें सुधार करना जरूरी है, तो अब उसकी स्वतंत्र जांच होगी। इससे खातों में ब्याज की एंट्री से जुड़ी गलती या अनधिकृत बदलाव की संभावना कम करने का प्रयास किया गया है।

यह भी पढ़ें: कंपनियों पर तो गाज गिरी ही, अब अमेरिका जाने वाले छात्रों से ₹60,00000 वसूलेगी ट्रंप सरकार?

पहले एक मंजूरी, अब डबल वेरिफिकेशन

पहले सक्षम अधिकारी की मंजूरी के बाद SBCO सुपरवाइजर सिस्टम में ब्याज सुधार की एंट्री कर सकता था। नए सिस्टम में Maker एंट्री करेगा, जबकि Checker उसकी दोबारा जांच और मंजूरी देगा। सबसे पहले हेड पोस्टमास्टर दस्तावेजों की जांच करेंगे। इसके बाद मामला डिविजनल हेड के पास जाएगा। मंजूरी मिलने पर हेड ऑफिस का SBCO सुपरवाइजर HIARM सिस्टम में एंट्री करेगा और सर्किल CPC सुपरवाइजर अंतिम जांच करेगा।

₹5 लाख तक ब्याज एडजस्टमेंट, मूलधन नहीं बदलेगा

HIARM के जरिए एक बार में अधिकतम ₹5 लाख तक के ब्याज का एडजस्टमेंट किया जा सकेगा। इससे ज्यादा रकम होने पर मामला CPRC, चेन्नई भेजा जाएगा।

महत्वपूर्ण बात यह है कि यह प्रक्रिया सिर्फ ब्याज की रकम सुधारने के लिए है। इससे खाते के मूलधन यानी Principal Amount में बदलाव नहीं किया जा सकता। SCSS और MIS में ब्याज सुधार के लिए BOD तारीख का नियम रहेगा, जबकि सेविंग्स अकाउंट में BOD या पिछले वित्त वर्ष की 31 मार्च की तारीख इस्तेमाल की जा सकेगी। कुल मिलाकर, नया सिस्टम ब्याज सुधार में अतिरिक्त जांच और जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश है।

यह भी पढ़ें: 'Welcome to India, Elon': मस्क ने पूछा क्या अंबानी असली बॉस हैं? राहुल गांधी ने दिया ये रहस्यमयी जवाब!

PREV

अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

TCS Share: बंपर नतीजे और ₹12 डिविडेंड के बाद कल भागेगा टाटा कंपनी का शेयर? जानिए क्या कह रहे एक्सपर्ट्स
Adani Stocks: रेटिंग अपग्रेड की गुड न्यूज भी न आई काम! 10% तक टूटे अडानी शेयर, जानिए क्यों मची बिकवाली