Republic Day मनाने से पहले जान लीजिये संविधान अर्थशास्‍त्र, खर्च से लेकर समय तक सब है शामिल

Published : Jan 25, 2022, 12:41 PM IST
Republic Day मनाने से पहले जान लीजिये संविधान अर्थशास्‍त्र, खर्च से लेकर समय तक सब है शामिल

सार

Republic Day: संवि‍धान को लेकर आज की युवा पीढ़ी में आज भी कई सवाल हैं। जैसे, संविधान को तैयार करने में कितना वक्‍त लगा? संव‍िधान को तैयार करने के पीछे कुछ लोगों का हाथ नहीं था, सैकड़ों लोग शामिल थे।

Republic Day: 26 जनवरी यानी रिब्‍ल‍िक डे यानी गणतंत्र दिवस सेलीब्रेट (Republic Day Celebration) किया जाता है। 26 जनवरी 1950 को देश में संविधान (Indian Constitution) लागू हुआ था। इसी दिन से देश में गणतंत्र दिवस मनाना शुरू हो गया। वैसे मौजूदा समय में संवि‍धान को लेकर खूब चर्चा होती है। देश के लिख‍ित संविधान में कई बार बदलाव भी देखने को मिले हैं। सत्‍ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इस शब्‍द का इस्‍तेमाल अपने-अपने मतलब से वक्‍त और मौके के साथ करते हैं। संवि‍धान को लेकर आज की युवा पीढ़ी में आज भी कई सवाल हैं। जैसे, संविधान को तैयार करने में कितना वक्‍त लगा? संव‍िधान को तैयार करने के पीछे कुछ लोगों का हाथ नहीं था, सैकड़ों लोग शामिल थे। ऐसे में इस संवि‍धान को पूरी तरह से तैयार करने से लेकर लागू करने तक देश के खजाने से कितना रुपया खर्च हुआ। आइए आपको भी बताते हैं।

1068 दिन में तैयार हुआ था संवि‍धान

  • संविधान के निर्माण में 2 साल 11 महीने और 18 दिन यानी 1068 दिन लग गए थे।
  • 26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा द्वारा पारित किया गया, तब इसमें कुल 22 भाग, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थीं।
  • मौजूदा समय में संविधान में 25 भाग, 395 अनुच्छेद एवं 12 अनुसूचियां हैं।
  • देश के सभी किताबों की दुकानों, सरकारी और प्राइवेट लाइब्रेरी और शौकीनों के घरों में आसानी से उपलब्‍ध हो जाएगी।
  • संविधान की प्रस्‍तावना को तो स्‍कूल तक में पढ़ाया जाता है। यहां तक की बच्‍चों को पूरी प्रस्‍तवना याद कराई जाती है। स्‍कूलों की असेंबली में संविधान प्रस्‍तावना पढ़ाया जाता है।
  • देश संविधान से ही चलता है। देश में संसद और संविधान सर्वोपरी है। उससे ऊपर कोई नहीं।

कैसे पास हुआ था देश का संविधान

  • देश के आजाद होने से पहले देश के संविधान निर्माण की प्रकिया शुरू हो गई थी, जिसके तहत एक कमेटी का गठन किया गया था।
  • विभाजन के बाद संविधान सभा का पुनर्गठन 31 अक्टूबर, 1947 ई. को किया गया।
  • 31 दिसंबर 1947 ई. को संविधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या 299 थीं।
  • प्रांतीय सदस्यों की संख्या एवं देसी रियासतों के सदस्यों की संख्या 70 थी।
  • संविधान का तीसरा वाचन 14 नवंबर, 1949 को शुरू था हुआ जो 26 नवंबर 1949 तक चला।
  • 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा संविधान को पारित कर दिया गया। इस समय संविधान सभा के 284 सदस्य मौजूद थे।

कितना आ गया था खर्च
सबसे अहम सवाल यह है कि संवि‍धान को तैयार करने में देश के खजाने से कितना रुपया खर्च हुआ था। क्‍योंकि उस दौरान इसको तैयार करने में करीब 300 लोग शामिल थे। संविधान को तैयार करने से कई देशों के दौरे हुए। उन लोगों की सैलरी और इस दौरान इस्‍तेमाल हुई स्‍टेशनरी तक को जोड़ दिया जाए तो संविधान के लागू होने तक उस पर 6.4 करोड़ रुपए खर्चा आ चुका था। अगर उस हिसाब से इस कीमत की आज के समय पर गणना की जाए तो कई सौ करोड़ रुपए बैठ जाएंगे।

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