
SBI Share Down Reasons: शेयर बाजार में मंगलवार, 3 नवंबर को देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयरों में अजीब खेल देखने को मिला। बैंक ने अपनी सितंबर तिमाही (Q2) के नतीजे घोषित किए, जो बाजार की उम्मीदों से कहीं ज्यादा अच्छे थे। लेकिन, फिर भी SBI का शेयर 1.70% टूटकर ₹970 पर बंद हुआ। अक्सर जब कोई कंपनी छप्परफाड़ मुनाफा कमाती है, तो उसके शेयर रॉकेट बन जाते हैं। ऐसे में आम निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर SBI का शेयर गिरा क्यों और अब इसमें क्या करना चाहिए? आइए बैंक के नतीजों और आंकड़ों को समझते हैं...
जुलाई से सितंबर वाली दूसरी तिमाही में SBI का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) 14.28% बढ़कर ₹23,038 करोड़ हो गया है। पिछले साल इसी तिमाही में बैंक ने ₹20,160 करोड़ कमाए थे। इस बंपर कमाई के पीछे दो सबसे बड़े कारण हैं। पहला बैंक ने जो लोन बांटे हैं, उस पर मिलने वाले ब्याज (NII) से उसकी कमाई 14.69% बढ़कर ₹49,143 करोड़ हो गई है। दूसरा बैंक को इस मुनाफे में एक बड़ा बूस्ट 'एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट' (SBI Funds Management) में अपनी हिस्सेदारी बेचने से मिला है। इससे बैंक को एक ही बार में ₹7,290 करोड़ का तगड़ा फायदा (One-time gain) हुआ। इसके अलावा, NSE के आईपीओ के दौरान भी बैंक ने 0.65% हिस्सेदारी बेची थी, हालांकि उसका पैसा बैंक के कैपिटल रिजर्व में गया है।
लोन बांटने में तेजी
त्योहारी सीजन के कारण लोगों ने जमकर खरीदारी की है और कंपनियों ने भी अपने काम के लिए खूब उधार लिया है। बैंक का कुल लोन बुक 3.2% बढ़कर ₹52.08 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। सबसे ज्यादा तेजी खेती (22.64%), छोटे व्यापार (21.97%) और पर्सनल लोन (14.54%) में आई है।
डिपॉजिट भी बढ़ा
ग्राहकों ने भी बैंक में पैसा जमा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। SBI का कुल डिपॉजिट 12.27% बढ़ा है।
फंसा हुआ कर्ज हुआ कम
किसी भी बैंक के लिए उसका NPA बहुत अहम होता है। SBI का ग्रॉस NPA (डूबने वाला पैसा) घटकर 1.39% और नेट NPA सिर्फ 0.36% रह गया है। यह बैंक की शानदार सेहत की निशानी है।
रिजर्व बैंक (RBI) की एक खास स्कीम के तहत भारतीय बैंकों ने NRI (प्रवासी भारतीयों) से करीब $133 बिलियन का विदेशी फंड जुटाया है। इससे डिपॉजिट तो बढ़ा, लेकिन इन विदेशी डिपॉजिट्स पर बैंकों को ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ रहा है। इस 'ज्यादा लागत' के कारण बैंकों के मार्जिन पर दबाव पड़ा है। शेयर बाजार भविष्य देखता है, और मार्जिन पर इसी दबाव की टेंशन के चलते निवेशकों ने मुनाफावसूली (Profit Booking) शुरू कर दी, जिससे शेयर ₹970 पर आ गिरा।
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, SBI के बुनियादी आंकड़े (Fundamentals) बहुत मजबूत हैं। लोन ग्रोथ अच्छी है और एसेट क्वालिटी (NPA) में लगातार सुधार हो रहा है। लंबी अवधि (Long-term) का नजरिया रखने वाले निवेशकों के लिए हर बड़ी गिरावट एक मौका हो सकती है। हालांकि, कोई भी नई खरीदारी करने या शेयर बेचने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से बात जरूर करें।
डिस्क्लेमर: ये आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह न माना जाए। शेयर बाजार निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने सर्टिफाइड मार्केट एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।
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