क्रेडिट कार्ड का सिर्फ ₹500 बाकी? जानिए कैसे यह आपको भारी पड़ सकता है

Published : Feb 11, 2026, 04:17 PM IST

Credit Card Late Fees Rule: क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करना तो अच्छा लगता है, लेकिन अगर बिल समय पर न चुकाया जाए, तो नुकसान भी हो सकता है। बहुत लोग सोचते हैं कि सिर्फ 500 रुपए ही बकाया रह गया तो क्या हुआ? लेकिन हकीकत यही छोटी रकम आपको भारी पड़ सकता है।

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क्रेडिट कार्ड में छोटी सी देरी बड़ा झटका दे सकता है

जब आप अपने क्रेडिट कार्ड का मिनिमम ड्यू (Minimum Due) या टोटल ड्यू (Total Due) समय पर नहीं चुकाते, तो बैंक आपसे लेट पेमेंट फीस लेता है। ये फीस बकाया राशि के हिसाब से होती है। इसके ऊपर जीएसटी भी लागू होता है।

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उदाहरण से समझिए

जैसे अगर आपका कुल बिल 20,000 रुपए का है और आपने 19,500 रुपए चुका दिया, जबकि 500 रुपए बाकी रख दिया। अब बैंक लेट फीस और जीएसटी लगाकर आपसे इतने ही अमाउंट का लगभग 118 रुपए वसूल लेगा।

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कितना ब्याज लगेगा?

क्रेडिट कार्ड पर ब्याज आमतौर पर 3-3.5% मंथली होता है। यह सालाना 40% से ज्यादा भी हो सकता है। अगर आपने 500 रुपए बकाया रखा और महीनेभर बाद चुकाया, तो ब्याज 18 रुपए के करीब होगा। लेट फीस (100), जीएसटी (18%) और ब्याज मिलाकर कुल 136 रुपए तक जा सकता है। अगर आप हर महीने थोड़ी राशि बकाया रखते हैं, तो कंपाउंडिंग के कारण यह और भी बढ़ सकता है।

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क्रेडिट कार्ड को लेकर RBI का नियम क्या है?

अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल नहीं चुकाते हैं, तो इंट्रेस्ट फ्री पीरियड खत्म हो जाता है, लेकिन ब्याज सिर्फ बचे हुए बकाया पर लगेगा, पूरे बिल पर नहीं। लेट फीस भी केवल बकाया राशि पर लगेगी। रिफंड या रिवर्स ट्रांजैक्शन होने पर बकाया राशि से एडजस्ट किया जा सकता है। मतबल 500 रुपए बकाया है, तो ब्याज और फीस सिर्फ इसी अमाउंट पर लगेगा, न कि आपके कुल 20,000 रुपए पर।

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क्रेडिट कार्ड के भारी-भरकम ब्याज से बचने का तरीका क्या है?

  • हमेशा पूरा बिल समय पर चुकाएं।
  • 100-500 रुपए बकाया भी न छोड़ें, वरना बड़ा नुकसान हो सकता है।
  • अगर आपके पास एक से ज्यादा कार्ड है, तो सभी के लिए पेमेंट रिमाइंडर सेट करना समझदारी वाला फैसला हो सकता है।
  • कोशिश करें ड्यू डेट (Due Date) से 2-3 दिन पहले पेमेंट करें, ताकि किसी तरह के टेक्निकल या बैंकिंग प्रॉब्लम्स से बचा जा सके।

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