
करियर डेस्क. कोरोना संक्रमण के कारण रद्द हुए CBSE बोर्ड बोर्ड का रिजल्ट किस आधार पर बनेगा इसकी घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) ने सुप्रीम कोर्ट में बताया है किस तरह से 12वीं का रिजल्ट तैयार किया जाएगा।
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CISCE ने बताया कि स्टूडेंट्स के छह साल के एकेडमिक रिकॉर्ड के आधार पर 12वीं का रिजल्ट तैयार किया जाएगा। बोर्ड ने जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की बेंच को बताया कि 12वीं का रिजल्ट छह सालों (2015-2021) के दौरान स्टूडेंट के बेस्ट प्रदर्शन का आकलन करेगा।
30 जुलाई को जारी होगा रिजल्ट
बोर्ड ने यह भी जानकारी दी कि 30 जुलाई तक 12वीं के परीक्षा परिणाम जारी कर दिए जाएंगे। अगर कोई स्टूडेंट्स मार्किंग के फॉर्मूले से खुश नहीं है तो कोरोना के हालात सामान्य होने के बाद फिर से परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा। वहीं, CBSE जहां स्टूडेंट के तीन साल का परफॉर्मेंस देखेगा। CBSE 12वीं के छात्रों के मूल्यांकन के लिए 30:30:40 का फॉर्मूला तय किया है। इसके अनुसार, 10वीं के 3 विषयों और 11वीं के फाइनल रिजल्ट को 30 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा और 12वीं के प्री- बोर्ड एग्जाम को 40 प्रतिशत वेटेज के आधार पर रिजल्ट तैयार होगा।
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