
Gandhi Jayanti Questions and Answers: 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती देश भर में मनाई जाती है। उन्होंने अपना पूरा जीवन सत्य और अंहिसा के मार्ग पर चलते हुए बिताया। अपने इन्हीं आदर्शों के बल पर देश को एकजुट किया, अंग्रेजों की नींव हिला दी और भारत की आजादी का रास्ता दिखाया। इस साल यानी 2025 में गाधी जयंती गुरुवार को मनाई जाएगी। इस खास अवसर पर जानिए गांधी जी से जुड़े टॉप 20 सवाल और उनके जवाब, जो हर किसी को जरूर जानने चाहिए।
गांधी जयंती हर साल 2 अक्टूबर को मनाई जाती है। यह दिन भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती सेलिब्रेट करने का और उनके सत्य, अहिंसा और देश सेवा के आदर्शों को याद करने का अवसर है।
इस साल गांधी जयंती 2 अक्टूबर 2025, गुरुवार को मनाई जाएगी।
इस दिन स्कूल-कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए जाते हैं। स्कूल और कॉलेजों में व्याख्यान और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। नाटक, कविता और भाषण प्रतियोगिताएं होते हैं। कई जगहों पर स्वच्छता अभियान और सेवा कार्य किए जाते हैं। गांधी जी के भजनों का गायन और आयोजन होता है।
महात्मा गांधी ने सत्याग्रह और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए भारत को स्वतंत्रता दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनके नैतिक नेतृत्व और आदर्शों के कारण उन्हें राष्ट्रपिता कहा जाता है।
उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था।
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर, गुजरात में हुआ था।
महात्मा गांधी ने भारत की आजादी के लिए असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह, भारत छोड़ो आंदोलन जैसे कई अहिंसक आंदोलनों का नेतृत्व किया। उन्होंने सत्याग्रह और अहिंसा के माध्यम से अंग्रेजी शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी और लोगों को एकजुट किया।
गांधी जी मानते थे कि किसी भी सामाजिक या राजनीतिक संघर्ष में सत्य और अहिंसा का मार्ग सबसे प्रभावी और नैतिक होता है। इसलिए उन्होंने हमेशा हिंसा और असत्य के मार्ग से दूर रहते हुए भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में सत्य और अहिंसा को सर्वोपरी रखा।
गांधी जयंती 2 अक्टूबर के दिन राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया ताकि सभी नागरिक महात्मा गांधी के जीवन और उनके आदर्शों को याद कर सकें और समाज में शांति, अहिंसा और सेवा के संदेश को फैलाया जा सके।
भारत में गांधी जयंती पर सरकारी और निजी संस्थानों में राष्ट्रपिता की प्रतिमा पर फूल अर्पित किया जाता है। स्वच्छता अभियान और सेवा कार्य किए जाते हैं। बच्चों को सत्य, अहिंसा और अनुशासन की शिक्षा दी जाती है।
हां, गांधी जयंती अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मनाई जाती है। संयुक्त राष्ट्र ने 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस घोषित किया है। इसे दुनिया भर में शांति और अहिंसा का संदेश फैलाने के लिए मनाया जाता है।
हालांकि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा के जरिए क्रांतिकारी बदलाव लाए, लेकिन उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला। विशेषज्ञ मानते हैं कि तब उनके योगदान की मान्यता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सही समय पर नहीं हुई। गांधी का योगदान केवल भारतीय संदर्भ में देखा गया। गांधी का काम मुख्य रूप से औपनिवेशिक भारत में शांति और स्वतंत्रता के लिए था, जबकि समिति ने तब वैश्विक संघर्षों को प्राथमिकता दी।
गांधी जी की हत्या 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली में हुई थी। उन्हें नथूराम गोडसे ने गोली मार दी थी।
गांधी जयंती पर स्कूल और कॉलेजों में कई तरह की गतिविधियां आयोजित होती हैं। नाटक और रंगमंच प्रदर्शन, भाषण और निबंध प्रतियोगिता, चित्रकला और पोस्टर प्रतियोगिता, गांधी जी के भजनों और गीतों का गायन, स्वच्छता और सेवा कार्य किए जाते हैं।
गांधी जी को राम के नाम का भजन पसंद था। उनके सबसे प्रिय भजन 'रघुपति राघव राजा राम...' थे। ये भजन अक्सर उनके सामूहिक और निजी ध्यान और पूजा में गाए जाते थे।
गांधी जी के बारे में बताते हुए बच्चों को जो सीख दी जाती है उसमें हैं- सत्य बोलना, अहिंसा का पालन करना, दूसरों की मदद करना, अनुशासन और सेवा भाव अपनाना, गरीबी और अन्याय के खिलाफ लड़ना।
गांधी की जयंती पर, जो कोट्स सबसे ज्यादा शेयर किए जाते हैं, उसमें हैं-
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महात्मा गांधी का जीवन स्वच्छता और स्वच्छता के आदर्शों पर आधारित था। इसलिए 2 अक्टूबर को देशभर में स्वच्छता अभियान चलाया जाता है, ताकि लोगों में स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ सके।
महात्मा गांधी की जयंती पर हमें उनकी ये सीखें जरूर अपनानी चाहिए-
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