Gandhi Jayanti 2025: जानिए महात्मा गांधी से जुड़े 20 महत्वपूर्ण सवालों के जवाब

Published : Sep 30, 2025, 05:38 PM IST
Gandhi Jayanti 2025

सार

Gandhi Jayanti FAQs: महात्मा गांधी जयंती 2 अक्टूबर को राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मनाई जाती है। इस खास अवसर पर जानिए गांधी जी के जीवन और कार्यों से जुड़े 20 अहम सवाल और उनके जवाब।

Gandhi Jayanti Questions and Answers: 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती देश भर में मनाई जाती है। उन्होंने अपना पूरा जीवन सत्य और अंहिसा के मार्ग पर चलते हुए बिताया। अपने इन्हीं आदर्शों के बल पर देश को एकजुट किया, अंग्रेजों की नींव हिला दी और भारत की आजादी का रास्ता दिखाया। इस साल यानी 2025 में गाधी जयंती गुरुवार को मनाई जाएगी। इस खास अवसर पर जानिए गांधी जी से जुड़े टॉप 20 सवाल और उनके जवाब, जो हर किसी को जरूर जानने चाहिए।

गांधी जयंती कब और क्यों मनाई जाती है?

गांधी जयंती हर साल 2 अक्टूबर को मनाई जाती है। यह दिन भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती सेलिब्रेट करने का और उनके सत्य, अहिंसा और देश सेवा के आदर्शों को याद करने का अवसर है।

गांधी जयंती 2025 की तारीख क्या है?

इस साल गांधी जयंती 2 अक्टूबर 2025, गुरुवार को मनाई जाएगी।

गांधी जयंती पर कौन-कौन से कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं?

इस दिन स्कूल-कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए जाते हैं। स्कूल और कॉलेजों में व्याख्यान और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। नाटक, कविता और भाषण प्रतियोगिताएं होते हैं। कई जगहों पर स्वच्छता अभियान और सेवा कार्य किए जाते हैं। गांधी जी के भजनों का गायन और आयोजन होता है।

महात्मा गांधी को “राष्ट्रपिता” क्यों कहा जाता है?

महात्मा गांधी ने सत्याग्रह और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए भारत को स्वतंत्रता दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनके नैतिक नेतृत्व और आदर्शों के कारण उन्हें राष्ट्रपिता कहा जाता है।

गांधी जी का पूरा नाम क्या था?

उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था।

गांधी जी का जन्म कब और कहां हुआ था?

महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर, गुजरात में हुआ था।

गांधी जी ने भारत की आजादी में क्या भूमिका निभाई?

महात्मा गांधी ने भारत की आजादी के लिए असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह, भारत छोड़ो आंदोलन जैसे कई अहिंसक आंदोलनों का नेतृत्व किया। उन्होंने सत्याग्रह और अहिंसा के माध्यम से अंग्रेजी शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी और लोगों को एकजुट किया।

गांधी जी का सत्य और अहिंसा का सिद्धांत क्या है?

गांधी जी मानते थे कि किसी भी सामाजिक या राजनीतिक संघर्ष में सत्य और अहिंसा का मार्ग सबसे प्रभावी और नैतिक होता है। इसलिए उन्होंने हमेशा हिंसा और असत्य के मार्ग से दूर रहते हुए भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में सत्य और अहिंसा को सर्वोपरी रखा।

गांधी जयंती को राष्ट्रीय अवकाश क्यों घोषित किया गया है?

गांधी जयंती 2 अक्टूबर के दिन राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया ताकि सभी नागरिक महात्मा गांधी के जीवन और उनके आदर्शों को याद कर सकें और समाज में शांति, अहिंसा और सेवा के संदेश को फैलाया जा सके।

भारत में गांधी जयंती किस तरह से मनाई जाती है?

भारत में गांधी जयंती पर सरकारी और निजी संस्थानों में राष्ट्रपिता की प्रतिमा पर फूल अर्पित किया जाता है। स्वच्छता अभियान और सेवा कार्य किए जाते हैं। बच्चों को सत्य, अहिंसा और अनुशासन की शिक्षा दी जाती है।

क्या गांधी जयंती अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मनाई जाती है?

हां, गांधी जयंती अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मनाई जाती है। संयुक्त राष्ट्र ने 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस घोषित किया है। इसे दुनिया भर में शांति और अहिंसा का संदेश फैलाने के लिए मनाया जाता है।

गांधी जी को नोबेल शांति पुरस्कार क्यों नहीं मिला?

हालांकि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा के जरिए क्रांतिकारी बदलाव लाए, लेकिन उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला। विशेषज्ञ मानते हैं कि तब उनके योगदान की मान्यता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सही समय पर नहीं हुई। गांधी का योगदान केवल भारतीय संदर्भ में देखा गया। गांधी का काम मुख्य रूप से औपनिवेशिक भारत में शांति और स्वतंत्रता के लिए था, जबकि समिति ने तब वैश्विक संघर्षों को प्राथमिकता दी। 

गांधी जी के सबसे प्रसिद्ध आंदोलनों में कौन-कौन से शामिल हैं?

  • नमक सत्याग्रह
  • असहयोग आंदोलन
  • भारत छोड़ो आंदोलन
  • स्वदेशी आंदोलन
  • चंपारण और खेड़ा सत्याग्रह

गांधी जी की हत्या कब और कैसे हुई थी?

गांधी जी की हत्या 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली में हुई थी। उन्हें नथूराम गोडसे ने गोली मार दी थी।

गांधी जयंती पर स्कूल और कॉलेजों में कौन सी गतिविधियां होती हैं?

गांधी जयंती पर स्कूल और कॉलेजों में कई तरह की गतिविधियां आयोजित होती हैं। नाटक और रंगमंच प्रदर्शन, भाषण और निबंध प्रतियोगिता, चित्रकला और पोस्टर प्रतियोगिता, गांधी जी के भजनों और गीतों का गायन, स्वच्छता और सेवा कार्य किए जाते हैं।

गांधी जी के पसंदीदा भजन कौन से थे?

गांधी जी को राम के नाम का भजन पसंद था। उनके सबसे प्रिय भजन 'रघुपति राघव राजा राम...' थे। ये भजन अक्सर उनके सामूहिक और निजी ध्यान और पूजा में गाए जाते थे।

गांधी जी के बारे में बच्चों को क्या सीख दी जाती है?

गांधी जी के बारे में बताते हुए बच्चों को जो सीख दी जाती है उसमें हैं- सत्य बोलना, अहिंसा का पालन करना, दूसरों की मदद करना, अनुशासन और सेवा भाव अपनाना, गरीबी और अन्याय के खिलाफ लड़ना।

गांधी जयंती पर कौन से उद्धरण सबसे ज्यादा शेयर किए जाते हैं?

गांधी की जयंती पर, जो कोट्स सबसे ज्यादा शेयर किए जाते हैं, उसमें हैं-

  • ‘अहिंसा सबसे शक्तिशाली हथियार है’
  • ‘सत्य का मार्ग कठिन जरूर है, पर विजय अवश्य मिलती है’
  • ‘वह परिवर्तन स्वयं बनें जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं’
  • ‘ऐसे जियो जैसे कि तुम कल ही मरने वाले हो’
  • ‘ऐसे सीखो जैसे कि तुम हमेशा जीने वाले हो’
  • ‘क्रोध को जीते में मौन सबसे अधिक सहायक है’
  • 'खुद को खोजने का सबसे अच्छा तरीका है, खुद को दूसरों की सेवा में खो दो'

ये भी पढ़ें- 4 बार नॉमिनेशन, फिर भी गांधी को क्यों नहीं मिला नोबेल शांति पुरस्कार?

गांधी जयंती पर स्वच्छता अभियान क्यों चलाया जाता है?

महात्मा गांधी का जीवन स्वच्छता और स्वच्छता के आदर्शों पर आधारित था। इसलिए 2 अक्टूबर को देशभर में स्वच्छता अभियान चलाया जाता है, ताकि लोगों में स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ सके।

गांधी जयंती पर हमें कौन-सी सीख जीवन में अपनानी चाहिए?

महात्मा गांधी की जयंती पर हमें उनकी ये सीखें जरूर अपनानी चाहिए-

  • सत्य और अहिंसा का पालन
  • दूसरों की सेवा करना
  • अनुशासन और ईमानदारी से जीवन जीना
  • समाज और राष्ट्र के लिए योगदान देना
  • कठिन परिस्थितियों में धैर्य और साहस दिखाना

ये भी पढ़ें- महात्मा गांधी के बारे में 10 फैक्ट्स जो आपको नहीं पता

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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