
Hindi Muhavare: प्रतियोगिता परीक्षाएं छात्रों से न केवल सामान्य ज्ञान, बल्कि भाषा के विभिन्न पहलुओं का गहरा ज्ञान भी मांगती हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण हिस्सा मुहावरे होते हैं। मुहावरे एक ऐसी भाषा शैली होती है, जिसमें शब्दों के सामान्य अर्थ से हटकर, उनका विशेष, अप्रत्यक्ष या सांकेतिक अर्थ होता है। मुहावरों का उपयोग भाषा को अधिक प्रभावशाली और रोचक बनाता है। प्रतियोगिता परीक्षाओं में अक्सर मुहावरों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, जहां उम्मीदवारों को उन मुहावरों के सही अर्थ और उनके संदर्भ को समझने की आवश्यकता होती है। यहां जानिए प्रतियोगिता परीक्षाओं में पूछे जाने वाले कुछ कठिन और महत्वपूर्ण मुहावरे और उनके विस्तृत अर्थ।
मुहावरे का अर्थ: अत्यधिक महत्वपूर्ण या मूल्यवान होना। यह मुहावरा किसी व्यक्ति या वस्तु के अत्यधिक महत्व को दर्शाता है। यदि कोई व्यक्ति किसी समुदाय में "नाक का बाल" है तो वह बहुत सम्मानित और प्रभावशाली व्यक्ति है।
मुहावरे का अर्थ: किसी की मदद से अपनी हानि कराना। यह मुहावरा तब प्रयोग किया जाता है जब कोई व्यक्ति अपनी ही मदद से नुकसान उठाता है, जैसे किसी से सहायता लेकर अपने ही लिए नुकसान करना।
मुहावरे का अर्थ: बहुत कठिन परिस्थिति का सामना करना। यह मुहावरा तब प्रयोग होता है जब किसी को कोई गंभीर संकट या कठिनाई आ जाती है, जैसे किसी काम के चलते मानसिक या शारीरिक तनाव का सामना करना।
मुहावरे का अर्थ: बिना किसी झिझक के पूरी तरह से झूठ बोलना। यह मुहावरा तब प्रयोग होता है जब कोई व्यक्ति बिना किसी हिचकिचाहट के बिल्कुल झूठ बोलता है। यह किसी के झूठ बोलने की स्थिति को दर्शाता है।
मुहावरे का अर्थ: किसी को नीचा दिखाकर या अपमानित करके खुशी महसूस करना। यह मुहावरा उस स्थिति को दर्शाता है जब कोई व्यक्ति दूसरे की स्थिति को खराब कर उसे नुकसान पहुंचाकर अपनी स्थिति को बेहतर बनाता है। यह तब कहा जाता है जब किसी को परेशान करने के लिए कोई जानबूझकर कोई गलत काम करता है।
मुहावरे का अर्थ: जैसे नेता होंगे, वैसे ही उनके अनुयायी या समाज के लोग होंगे। यह मुहावरा यह दर्शाता है कि अगर कोई राजा या नेता अच्छा या बुरा है तो उसके अनुयायी या समाज के लोग भी उसी प्रकार के होते हैं। इसे कभी-कभी इस संदर्भ में भी प्रयोग किया जाता है जब किसी समाज की स्थिति उनके नेताओं की सोच और कार्यों से प्रभावित होती है।
मुहावरे का अर्थ: कोई किसी की मदद बिना किसी स्वार्थ के करता है। इस मुहावरे का उपयोग तब होता है जब कोई व्यक्ति किसी की सहायता करता है, जबकि उसे इससे कोई व्यक्तिगत लाभ नहीं होता। यह दर्शाता है कि उस व्यक्ति का उद्देश्य केवल दूसरों की भलाई करना होता है।
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