ब्रिटेन के यूनिवर्सिटीज में आवेदन करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में 4% की कमी, इन नियमों में बदलाव बना कारण

Published : Feb 17, 2024, 01:26 PM IST
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सार

यूसीएएस डेटा के अनुसार इस साल यूके के विश्वविद्यालयों में विभिन्न कोर्सेज के लिए भारतीय छात्रों के एप्लीकेशंस में 4% तक की गिरावट आई है। विदेशी छात्रों को परिवार के सदस्यों को यूके लाने की अनुमति देने वाले नियमों में बदलाव के बीच यह कमी दर्ज की गई। 

यूनिवर्सिटीज एंड कॉलेजेज एडमिशन सर्विस (यूसीएएस) के डेटा के अनुसार इस साल ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज में विभिन्न कोर्सेज के लिए भारतीय छात्रों के आवेदनों में गिरावट आई है। वहीं ओवर ऑल इंटरनेशनल आवेदनों की संख्या में 0.7% की वृद्धि हुई है। भारत से ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज में आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या में 4% की गिरावट दर्ज हुई है जबकि चीन से आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या में 3% की वृद्धि दर्ज हुई हैं। हालांकि ओवरऑल आवेदन की संख्या तुलनात्मक रूप से कम है।

आवेदनों में कमी के कारण

इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए एजुकेशन पॉलिसी पर यूके की पुनर्विचार (reconsideration) संभावित रूप से उन्हें ब्रिटिश विश्वविद्यालयों में आवेदन करने से दूर कर रहा है। इसके अलावा गवर्मेंट फंडेड स्कॉलरशिप पर डिपेंडेंट को लाने पर हाल के प्रतिबंधों ने भी कुछ छात्रों को यूके में शिक्षा प्राप्त करने से रोका है।

इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की कुल संख्या में 0.7% की वृद्धि लेकिन भारत से घटी

यूसीएएस के आंकड़ों से पता चलता है कि ग्रेजुएशन के लिए इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की कुल संख्या में 0.7% की वृद्धि हुई है, लेकिन हाल के दिनों में रिकॉर्ड वृद्धि के बाद नाइजीरियाई और भारतीय छात्रों की संख्या में गिरावट आई है। भारत से आवेदन गिरकर 8,770 हो गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4% कम है और नाइजीरिया से किये जाने वाले आवेदन 1,590 हो गए, जो पिछले साल की तुलना में 46% की गिरावट है। इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित तवारी ने यूके के द टेलीग्राफ के हवाले से कहा भारत में वापस आने वाले छात्रों के लिए यह पढ़ना बहुत दुखद है कि ब्रिटेन उन्हें प्रवासी के रूप में नहीं चाहता है। वहीं द टेलीग्राफ के हवाले से ह नाइजीरियाई छात्र संघ यूके के छात्र कल्याण कॉर्डिनेटर सिंथिया टेवोगबेड ने कहा कि गिरावट के पीछे इमीग्रेशन पॉलिसी में बदलाव है। नाइजीरियाई छात्र अब ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूरोप जैसे अन्य देशों के विश्वविद्यालयों में एडमिशन ले रहे हैं।

किस देश से कितने आवेदन

हालांकि ब्रिटेन की हायर एजुकेशन वर्ल्ड लेवल पर आकर्षक बनी हुई है, अंतर्राष्ट्रीय आवेदकों में 0.7% की वृद्धि हुई है। सबसे अधिक वृद्धि चीन (3%, 910 आवेदक), तुर्की (37%, 710 आवेदक), और कनाडा (14%, 340 आवेदक) में हुई है। इस वर्ष के यूसीएएस डेटा से पता चला है कि नाइजीरिया (-46%) और भारत (-4%) से आवेदकों में कमी आई है।

यूसीएएस के चीफ एग्जीक्यूटिव ने कहा

यूसीएएस के चीफ एग्जीक्यूटिव जो सैक्सटन के अनुसार हालांकि डेटा छात्रों के आवेदनों में गिरावट दिखाता है, नर्सिंग जैसे कुछ विषयों में आवेदनों में अधिक गिरावट है लेकिन संख्या में वृद्धि की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि वे छात्र जो आवेदन करना चाहते हैं और समय सीमा से चूक गए हैं या हायर एजुकेशन के लिए अभी भी आवेदन करना चाहते हैं, वे 30 जून तक आवेदन कर सकते हैं, और उसके बाद सीधे क्लियरिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं। बहुत सारे विकल्प अभी भी बने हुए हैं। उन्होंने कहा यूसीएएस वेबसाइट पर छात्रों किसी भी तरह का सपोर्ट, गाइडेंस और सलाह प्राप्त कर सकते हैं।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...

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