आप जानते हैं "राम नाम की लूट है" का मतलब? इन 6 मुहावरों में छुपे हैं गहरे राज

Published : Oct 22, 2024, 10:06 AM ISTUpdated : Oct 22, 2024, 11:25 AM IST
Interesting muhavare

सार

हिंदी मुहावरे रोज की बातों को रोचक बनाते हैं। परीक्षाओं में इनका ज्ञान जरूरी है, क्योंकि ये भाषा और तर्कशक्ति दोनों को परखते हैं। कुछ कठिन मुहावरों के अर्थ और उनके संदर्भ जानें, जो आपकी भाषा और परीक्षा तैयारी में मदद करेंगे।

मुहावरे हिंदी भाषा के अनमोल रत्न हैं, जो हमारी रोजमर्रा की बातचीत और लेखन को जीवंत और प्रभावी बनाते हैं। ये छोटे-छोटे वाक्यांश होते हैं, लेकिन उनके अर्थ गहरे और विस्तृत होते हैं। मुहावरे न केवल भाषा को समृद्ध करते हैं, बल्कि जीवन के अनुभवों, मान्यताओं और समाज की सांस्कृतिक धरोहर को भी सटीक तरीके से व्यक्त करते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरों का सही अर्थ और उपयोग जानना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि ये सवाल न केवल आपकी भाषा की समझ को परखते हैं, बल्कि आपकी तार्किक और व्यावहारिक सोच को भी उजागर करते हैं। जानिए कुछ कठिन और महत्वपूर्ण मुहावरों के अर्थ और उनके पीछे छिपे गहरे संदर्भों को विस्तार से, जो आपके भाषा ज्ञान और परीक्षा की तैयारी में मददगार होंगे।

मुहावरा- "खुशफहमी पालना"

मुहावरे का अर्थ: गलतफहमी में रहना। इसका उपयोग तब होता है जब कोई व्यक्ति किसी गलत धारणा में जी रहा होता है और वास्तविकता से दूर होता है। इसका मतलब है कि व्यक्ति ने अपने मन में कुछ ऐसा मान लिया है, जो सही नहीं है और वह उसी भ्रम में रहता है।

मुहावरा- "चादर देखकर पैर पसारना"

मुहावरे का अर्थ: अपनी सामर्थ्य के अनुसार ही खर्च या काम करना। इस मुहावरे का तात्पर्य है कि व्यक्ति को अपनी क्षमता और साधनों के अनुसार ही निर्णय लेने चाहिए। किसी को अपनी आय और स्थिति के अनुसार ही खर्च करना चाहिए, अन्यथा परेशानियां बढ़ सकती हैं।

मुहावरा- "राम नाम की लूट है"

मुहावरे का अर्थ: जब कोई चीज आसानी से मिल रही हो तो उसका लाभ उठाना चाहिए। इसका मतलब है कि जब कोई अवसर आसानी से उपलब्ध हो और उसमें किसी प्रकार का नुकसान नहीं हो, तब उसका पूरा लाभ उठाना चाहिए। यह मुहावरा आमतौर पर उन स्थितियों में प्रयोग किया जाता है जहां कुछ मुफ्त या बहुत सस्ते में मिल रहा हो।

मुहावरा- "अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत"

मुहावरे का अर्थ: समय निकल जाने के बाद पछताने का कोई फायदा नहीं होता। इस मुहावरे का उपयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति को अपनी गलती का अहसास बहुत देर से होता है। इसका मतलब है कि अवसर हाथ से निकल जाने के बाद पछतावा व्यर्थ है।

मुहावरा- "आंखों में धूल झोंकना"

मुहावरे का अर्थ: किसी को धोखा देना। जब कोई व्यक्ति किसी को सच से भटका कर धोखा देता है या जानबूझकर भ्रमित करता है, तब इस मुहावरे का उपयोग किया जाता है। इसका तात्पर्य होता है कि सामने वाले को असली सच्चाई से दूर रखने के लिए चालाकी से काम लेना।

मुहावरा- "एक अनार सौ बीमार"

मुहावरे का अर्थ: साधन कम और मांग अधिक होना। जब कोई वस्तु या अवसर सीमित होता है, लेकिन उसके चाहने वाले बहुत ज्यादा होते हैं, तब इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है। इसका मतलब है कि एक छोटी सी चीज के लिए बहुत सारे लोग इच्छुक होते हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ जाती है।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...

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