
Muhavare In Hindi: हिंदी भाषा में मुहावरे (Idioms) एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। ये न केवल भाषा को आकर्षक बनाते हैं, बल्कि इनके माध्यम से हम अपनी भावनाओं और विचारों को संक्षिप्त, लेकिन प्रभावी तरीके से व्यक्त कर सकते हैं। मुहावरे शब्दों या वाक्यांशों का समूह होते हैं, जिनका सामान्य अर्थ नहीं बल्कि एक विशिष्ट सांस्कृतिक और सामाजिक संदर्भ होता है। ये भाषा में रंग भरने के साथ-साथ संवाद को सरल और सजीव बनाते हैं। जानिए हिंदी के कुछ कठिन और रोचक मुहावरे और उनके अर्थ विस्तार से।
मुहावरे का अर्थ: किसी आत्मघाती या नासमझ कार्य की ओर प्रवृत्त होना। यह मुहावरा तब उपयोग में आता है जब कोई व्यक्ति बहुत ही खतरनाक या नासमझ कार्य करने की ओर बढ़ता है। जैसे, अगर कोई व्यक्ति खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए किसी ऐसे व्यक्ति के पास जाता है, जो उसे और भी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है, तो इसे "आत्महत्या करने के लिए नाई के पास जाना" कहा जाता है।
मुहावरे का अर्थ: किसी कठिन कार्य को करने के लिए प्रयास करना, चाहे वह कितना भी मुश्किल हो। यह मुहावरा तब प्रयोग किया जाता है जब कोई व्यक्ति किसी बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कठिन मेहनत करता है। जैसे, किसी व्यक्ति को किसी बड़े उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए कठिन रास्ते पर चलने की आवश्यकता हो, तो इसे "सिद्धि के लिए सूरज की ओर देखना" कहा जाता है।
मुहावरे का अर्थ: दिखावटी चीज, जो असली नहीं होती। यह मुहावरा किसी ऐसी चीज के लिए प्रयोग किया जाता है जो बाहरी रूप से आकर्षक तो हो, लेकिन उसकी असलियत में कोई मूल्य न हो। जैसे, कोई व्यक्ति जो दिखता तो बहुत स्मार्ट है, लेकिन उसके पास कोई खास गुण या कार्यक्षमता नहीं है, उसे नकली मोती की माला कहा जा सकता है।
मुहावरे का अर्थ: जब दो लोग एक जैसे होते हैं और एक दूसरे से मेल खाते हैं। यह मुहावरा तब प्रयोग किया जाता है जब दो लोग एक जैसे होते हैं, या एक दूसरे के समान कार्य करते हैं। जैसे, दो लोग जो एक जैसे बुरे काम करते हैं, तो यह कहा जा सकता है "तू डाल-डाल, मैं पात-पात।"
मुहावरे का अर्थ: किसी व्यक्ति का अपनी स्थिति को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाना। यह मुहावरा उस व्यक्ति के लिए इस्तेमाल होता है, जो अपनी स्थिति, संपत्ति या काम को बहुत ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर दिखाता है। जैसे, कोई व्यक्ति अपनी आय या पद को अतिशयोक्ति से बताता है, तो इसे "आधिका की बकरी" कहा जा सकता है।
मुहावरे का अर्थ: किसी के साथ धोखा करना। यह मुहावरा उस स्थिति में इस्तेमाल होता है जब कोई व्यक्ति किसी का विश्वास तो जीतता है, लेकिन उसके साथ धोखा करता है। जैसे, अगर कोई अपने दोस्त के साथ विश्वासघात करता है, तो उसे "दूसरों की पीठ में छुरा घोंपना" कहा जाता है।
मुहावरे का अर्थ: किसी की बातों को सुनकर ध्यान से न सुनना। यह मुहावरा तब उपयोग किया जाता है जब कोई व्यक्ति किसी की बातों को अनसुना कर देता है, या किसी की चेतावनी को नकार देता है। जैसे, किसी को सचेत करने पर वह बिल्कुल भी ध्यान न दे, तो उसे "कान में तेल डालना" कहा जा सकता है।
मुहावरे का अर्थ: जो कुछ भी न कर सके, या किसी चीज के लिए सक्षम न हो। यह मुहावरा उस व्यक्ति के लिए प्रयोग किया जाता है, जो किसी कार्य को करने में सक्षम नहीं होता, लेकिन फिर भी वह कोशिश करता है। जैसे, अगर कोई व्यक्ति कोई बहुत मुश्किल कार्य करने की कोशिश करता है, जबकि वह उस कार्य को करने में सक्षम नहीं है, तो इसे "बिना दांत के बकरी" कहा जाएगा।
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