
एजुकेशन डेस्क। नीट 2024 पेपर लीक प्रकरण आग की तरफ फैलता जा रहा है। एनटीए की ओर से आयोजित परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए हाईलेवल कमेटी का गठन किया गया है। हर बार नीट परीक्षा में पेपर लीक जैसे मामले सामने आ रहे हैं। इसले छात्रों का विरोध और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। वह एनटीए और सरकार की कार्य प्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं प्रदर्शन और विरोध से इतर आज 1563 अभ्यर्थी दोबारा नीट यूजी की परीक्षा देने जा रहे हैं।
नीट री-एग्जाम के लिए बनाए 6 नए सेंटर
नीट यूजी के लिए दोबारा परीक्षा का आयोजन किया गया है। इसमें कुल 1563 अभ्यर्थी आज पुनर्परीक्षा में शामिल होंगे। मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए 6 नए सेंटर बनाए गए हैं। इसके एक अन्य सेंटर जो कि चंडीगढ़ में है यथावत रखा गया है क्योंकि उसमें दो ही परीक्षार्थी शामिल होंगे। सभी अभ्यर्थी इन सेंटरों पर आज दोबारा नीट यूजी की परीक्षा देंगे। वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक सभी सेंटर को बदल दिया गया है। एनटीए, एग्जामिनेशन बॉडी और मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन के अधिकारी भी सेंटर पर मौजूद रहेंगे।
शिक्षा मंत्री ने नीट रद्द करने से किया था इनकार
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को कड़ा निर्णय लेते हुए कहा था कि नीट परीक्षा को रद्द नहीं किया जाएगा। इससे उन लाखों परीक्षार्थियों के साथ अन्याय होगा जिन्होंने मेहनत से परीक्षा दी है। उन्होंने कहा था कि वह अराजकता की अलग-अलग घटनाओंं के कारण सभी अभ्यर्थियों के करियर को खतरे में नहीं डाल सकते, जिन्होंने सही तरीके से परीक्षा पास की थी।
लोक परीक्षा कानून 2024 रोकेगा धांधली
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने इन गड़बड़ियों में रोक के लिए ही लोक परीक्षा कानून 2024 लाया है। इस कानून को लागू भी कर दिया गया है जिसका उद्देश्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता और धांधली पर अंकुश लगाना है। इसमें अपराधियों के लिए अधिकतम 10 साल की जेल की सजा और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लागू है।
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