Womens Day 2024: 8 मार्च को ही क्यों मनाते हैं महिला दिवस, जानें इस साल की थीम, इतिहास, महत्व,

Published : Mar 05, 2024, 11:33 PM ISTUpdated : Mar 07, 2024, 09:15 AM IST
womens day 2024

सार

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की महत्वपूर्ण उपलब्धियों का सम्मान करने का दिन है। जानिए महिला दिवस 8 मार्च को ही क्यों मनाते हैं। इस दिन का इतिहास, महत्व और इस साल की थीम क्या है।

Women's Day 2024: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2024, 08 मार्च, शुक्रवार को मनाया जा रहा है। यह दिन महिलाओं की महत्वपूर्ण उपलब्धियों का सम्मान करने और लैंगिक समानता को सपोर्ट करने के लिए समर्पित है। यह एक ऐसा दिन है जो उन महिलाओं की ताकत का सम्मान करता है जो विभिन्न भूमिकाएं निभाती हैं और भेदभाव और लैंगिक असमानता के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहती हैं।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2024 थीम

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2024 की थीम "इंस्पायर इंक्लूजन" है। इस थीम का अर्थ है महिलाओं की वैल्यू को समझें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। थीम में विकास के हर पहलू में महिलाओं को शामिल करने की क्षमता को पहचानने के लिए दुनिया भर के समाजों से आग्रह करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। बेहतर दुनिया के निर्माण के लिए इसे जरूरी माना गया है।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2024: इतिहास और महत्व

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत 1857 में न्यूयॉर्क में हुई, जब महिला कपड़ा श्रमिकों ने अनुचित कामकाजी परिस्थितियों और कम वेतन के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह कामकाजी महिलाओं द्वारा सबसे पहले संगठित हड़तालों में से एक थी। संयुक्त राष्ट्र ने 08 मार्च 1975 को इस दिन को मनाना शुरू किया, इस मान्यता को दो साल बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा फॉर्मल रूप दिया गया।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2024: इन रंगों का है खास महत्व

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की विशेषता इसके विशिष्ट रंगों से भी है जो बैंगनी, हरा और सफेद है। प्रत्येक रंग एक गहरा प्रतीकात्मक अर्थ रखता है। बैंगनी रंग न्याय और गरिमा का प्रतीक है, हरा रंग आशा का प्रतीक है और सफेद रंग पवित्रता का प्रतीक है। 1908 में यूके के महिला सामाजिक और राजनीतिक संघ (डब्ल्यूएसपीयू) से निकले ये रंग आज भी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं।

8 मार्च को ही क्‍यों मनाते हैं महिला दिवस?

एक महिला क्लारा जेटकिन ने वर्ष 1910 में विश्व स्तर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था। क्लारा उस समय यूरोपीय देश डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगेन में कामकाजी महिलाओं की अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में हिस्सा ले रही थी। वहां मौजूद सभी महिलाओं ने उनके प्रस्ताव का समर्थन किया और साल 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विटजरलैंड में पहली बार महिला दिवस मनाया गया। इसके बाद 1975 को संयुक्त राष्ट्र ने महिला दिवस को आधिकारिक तौर पर मान्यता दी और इसे मनाने के लिए 8 मार्च की तारीख निर्धारित की। तब से हर साल अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को ही मनाया जाता है।

ये भी पढ़ें

कौन से स्कूल से पढ़े हैं Google CEO सुंदर पिचाई,जानिए 12वीं के मार्क्स

ISRO चीफ एस सोमनाथ की सैलरी कितनी है? क्या मिलती है फैसिलिटी

PREV

Education News: Read about the Latest Board Exam News, School & Colleges News, Admission news in hindi, Cut-off list news - Asianet Hindi

AT
About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...

Recommended Stories

CBSE Counseling 2026: बोर्ड छात्रों के लिए IVRS और टेली-काउंसलिंग सर्विस शुरू, जानें कैसे लें मदद
Anil Agarwal Daughter: अनिल अग्रवाल की बेटी प्रिया अग्रवाल हेब्बार कौन है, जानिए क्या करती है