देशभर में मदरसों से जुड़ा डाटा जुटाने के लिए बन रहा MIS पोर्टल, सरकार ने बताया क्यों हो रहा है ऐसा

Published : Dec 15, 2022, 10:17 AM IST
देशभर में मदरसों से जुड़ा डाटा जुटाने के लिए बन रहा MIS पोर्टल, सरकार ने बताया क्यों हो रहा है ऐसा

सार

केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय ने एक समिति को बताया है कि देशभर में मदरसों से जुड़ी जानकारी को एकत्र करने के लिए एमआईएस पोर्टल बनाया जा रहा है। इस पोर्टल को बनाने का काम एक कंपनी को दिया गया है। 

एजुकेशन डेस्क। केंद्र सरकार की संसदीय पैनल की ओर से दी गई रिपोर्ट के अनुसार, देश के मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के डाटा को कलेक्ट करने के लिए एक पोर्टल बनाया जाएगा। इसकी रिपोर्ट लोकसभा में पेश की गई है। केंद्र के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मंत्रालय ने पैनल को बताया कि उसने देशभर के मदरसों का ज्यादा से ज्यादा विस्तृत डाटा कलेक्ट करने के लिए एक पोर्टल बनाने का काम कंपनी को दे रखा है। यह कंपनी मदरसों के लिए एमआईएस यानी मैनेजमेंट इन्फरमेटिव सिस्टम से जुड़ा पोर्टल बना रही है। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इस पोर्टल पर मदरसा स्कूलों से जुड़ी जानकारी अपलोड करने का आग्रह किया जाएगा। साथ ही, यह पोर्टल ऐसे मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त संस्थानों की जानकारी को जुटाएगा। मंत्रालय की ओर से पैनल को बताया गया कि ऐसा करने से पोर्टल के जरिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जुटाए गए डाटा से पॉलिसी बनाने और इनसे जुड़ी योजनाओं को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने में मदद मिलेगी। 

क्यों बनाया जा रहा है ऐसा पोर्टल 
समिति की ओर से बताया गया कि इसको लेकर कोई समय-सीमा नहीं दी गई थी। ऐसे में समिति चाहती है कि एमआईएस पोर्टल को जल्द से जल्द विकसित किया जाए। दरअसल, अधिकारिक आंकड़ों पर गौर करें तो, 26 हजार 928 मान्यता प्राप्त मदरसों में करीब 1 लाख 17 हजार शिक्षक नियुक्त हैं। इनमें करीब 43.25 मिलियन छात्र पढ़ते हैं। पैनल के अनुसार, उपलब्ध बुनियादी ढांचों, शिक्षकों और छात्रों समेत मदरसों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं होने से मदरसों में नई शिक्षा नीति को लागू करना बड़ी चुनौती साबित होगा। अब तक केवल 10 राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से ही यूडीआईएसई पर डाटा दर्ज किया गया है। 

नई शिक्षा नीति लागू होने में दिक्कत आएगी 
समिति ने मंत्रालय को तीन महीने के भीतर डाटा एकत्रित करने की सलाह दी, जिससे मदरसे योजनाओं से जुड़ी सुविधाओं का उपयोग कर सकें। सभी मदरसों को योजनाओं द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं हासिल करने के लिए समिति ने सिफारिश की है कि मंत्रालय सभी राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी करेगा कि वे मान्यता प्राप्त या गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के बारे में जानकारी जुटा लें, जिसमें बुनियादी ढांचे, शिक्षकों की संख्या और छात्रों की संख्या का रिकॉर्ड हो। समिति का मानना है कि जब तक मंत्रालय के पास मदरसों के बारे में पूरी जानकारी नहीं होगी, उन्हें मदरसों में नई शिक्षा नीति लागू करने में दिक्कत होगी। 

खबरें और भी हैं..

न रहें न निराश करें मन को.. इन 5 शख्सियतों की लाइफ में फुल डेडिकेशन स्टोरी एक बार जरूर पढ़ लें  

देश के Top-10 ऐसे CEO जिन्होंने खुद को बना लिया ब्रांड.. आपको भी जानना चाहिए उनकी सैलरी और कंपनी की डिटेल 

PREV

Education News: Read about the Latest Board Exam News, School & Colleges News, Admission news in hindi, Cut-off list news - Asianet Hindi

Recommended Stories

CBSE Counseling 2026: बोर्ड छात्रों के लिए IVRS और टेली-काउंसलिंग सर्विस शुरू, जानें कैसे लें मदद
Anil Agarwal Daughter: अनिल अग्रवाल की बेटी प्रिया अग्रवाल हेब्बार कौन है, जानिए क्या करती है