
करियर डेस्क : जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ (Justice DY Chandrachud) ने देश के 50वें चीफ जस्टिस बन गए हैं। 10 नवंबर, 2024 तक वे इस पद पर रहेंगे। जस्टिस चंद्रचूड़ बॉम्बे हाईकोर्ट के जज और इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर भी रह चुके हैं। साल 2016 में वे सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जज बने थे। उदय उमेश ललित (UU Lalit) के रिटायरमेंट के बाद उन्होंने उनकी जगह ली है। यूयू ललित सिर्फ 41 दिन ही सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे। क्या आप जानते हैं कि रिटायरमेंट के बाद किसी चीफ जस्टिस को क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं? अगर नहीं तो आइए जानते हैं..
24 घंटे सुरक्षा
बता दें कि केंद्र सरकार ने 23 अगस्त, 2022 को एक नोटिफिकेशन जारी कर मुख्य न्यायाधीश को मिलने वाली सुविधाओं में संशोधन किया है। इसके मुताबिक, रिटायर चीफ जस्टिस को 24 घंटे सुरक्षा मुहैया की जाएगी। रिटायरमेंट के अगले दिन से उन्हें यह अधिकार दिया जाता है कि वे पांच साल तक अपना पर्सनल सेक्योरिटी गार्ड रख सकते हैं। सर्वोच्च न्यायायल को रिटायर्ड जज को भी यही सुविधा मिलती है। लेकिन जज को यह सुविधा सिर्फ तीन साल के लिए ही मिलती है। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस और जजों की सुरक्षा हाई लेवल की होती है।
बंगला, नौकर चाकर
रिटायर्ड सीजेआई को दिल्ली में 6 महीने के लिए रेंट फ्री बंगला दिया जाता है। यह टाइप-7 का बंगला होता है, जो टाइप-8 के बंगले से छोटा होता है। इसमें सर्वेंट क्वार्टर होते हैं। जिनकी संख्या तीन होती है। ये बंगले 3036 स्क्वायर फीट के एरिया में बने होते हैं। इसमें दो गैराज, लान और राइव-वे की सुविधा होती है। इसके साथ ही रिटायर्ड चीफ जस्टिस को नौकर-चाकर भी मिलते हैं। उन्हें एक सहायक नौकर, ड्राइवर मिलता है। उनके नौकर और ड्राइवर को एयरपोर्ट पर सेरेमोनियल लाउंज की सुविधा मिलती है। एक दफ्तरी सहायक भी उनकी मदद को मिलता है।
हर महीने 70,000 पेंशन
सुप्रीम कोर्ट से रिटायर होने के बाद मुख्य न्यायधीक को हर महीने 70 हजार रुपए पेंशन मिलता है। जबकि बाकी रिटायर्ड जजों के 39 हजार रुपए मिलते हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट से हर साल तीन जज रिटायर होते हैं। इसके साथ ही रिटायर होने पर चीफ जस्टिस और अन्य जज को बिना किसी चार्ज के टेलीफोन की सुविधा मिलती है। टेलीफोन, मोबाइल या ब्रॉडबैंड जैसी सुविधा के लिए हर महीने 4200 रुपए रिंबर्समेंट दिए जाते हैं।
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