Mahatma Gandhi Photo Age on Currency Notes: क्या आपने कभी सोचा है कि भारतीय नोटों पर छपी महात्मा गांधी की तस्वीर की उम्र कितनी है? क्या आप जानते हैं कि यह तस्वीर कितनी पुरानी है? क्या आप जानते हैं कि RBI ने इसी तस्वीर को क्यों चुना? जानिए गांधी जी की तस्वीर की असली कहानी और भारतीय करेंसी से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स।

How old is Mahatma Gandhi Photo on Indian currency: क्या आप जानते हैं कि आपकी जेब में मौजूद गांधी जी की तस्वीर की असली उम्र कितनी है? आप दिन में कितनी बार अपनी जेब से महात्मा गांधी की फोटो वाली नोट निकालते हैं? चाय की दुकान पर, किराने के बिल में, ऑटो का किराया देते समय या एटीएम से पैसे निकालते वक्त। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारतीय नोटों पर छपी महात्मा गांधी की मुस्कुराती तस्वीर आखिर कितनी पुरानी है? दिलचस्प बात यह है कि आपकी जेब में मौजूद नोट पर दिखने वाली गांधी जी की तस्वीर कोई नई डिजाइन नहीं है। यह तस्वीर आज की नहीं, बल्कि आजादी से ठीक पहले के दौर की याद दिलाती है। करोड़ों भारतीय रोज इस चेहरे को देखते हैं, लेकिन इसकी असली कहानी बहुत कम लोग जानते हैं।

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80 साल पुरानी है नोट पर दिखने वाली गांधी जी की तस्वीर

भारतीय नोटों पर दिखने वाला गांधी जी का चित्र किसी कलाकार की बनाई स्केच नहीं है। यह एक वास्तविक फोटो से लिया गया पोर्ट्रेट है। यह मूल तस्वीर साल 1946 में खींची गई थी, जब गांधी जी ब्रिटिश राजनेता लॉर्ड फ्रेडरिक विलियम पेथिक-लॉरेंस के साथ मौजूद थे। यानी अगर 2026 की बात करें तो इस तस्वीर की उम्र करीब 80 साल हो चुकी है। यही वजह है कि यह सिर्फ एक फोटो नहीं, बल्कि भारत के इतिहास का एक जीवित दस्तावेज भी है।

RBI ने नोटों के लिए महात्मा गांधी की इसी तस्वीर को क्यों चुना?

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने नोटों के लिए गांधी जी की कई तस्वीरों में से इसी तस्वीर के हिस्से को चुना। इसकी सबसे बड़ी वजह गांधी जी की सहज और मुस्कुराती अभिव्यक्ति मानी जाती है। नोट पर जो तस्वीर दिखती है, वह मूल फोटो का क्रॉप और मिरर इमेज है। दिलचस्प बात यह भी है कि जिस फोटोग्राफर ने यह तस्वीर खींची थी, उसकी पहचान सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है।

हर भारतीय नोट पर गांधी जी कब से दिखने लगे?

कई लोगों को लगता है कि आजादी के बाद से ही हर भारतीय नोट पर गांधी जी की तस्वीर थी, लेकिन ऐसा नहीं है। गांधी जी पहली बार 1969 में उनकी 100वीं जयंती के अवसर पर जारी विशेष नोटों में दिखाई दिए थे। हालांकि सभी प्रमुख नोटों पर गांधी जी का स्थायी चित्र 1996 में शुरू हुई ‘महत्मा गांधी सीरीज’ के साथ आया। इसके बाद भारतीय करेंसी की पहचान ही गांधी जी की मुस्कान बन गई।

आपकी जेब में सिर्फ नोट नहीं, इतिहास भी है

अगली बार जब आप ₹10, ₹100 या ₹500 का नोट हाथ में लें, तो एक बार गांधी जी के चेहरे को गौर से देखिए। यह सिर्फ मुद्रा नहीं है। यह उस भारत की कहानी भी है, जो आजादी के दरवाजे पर खड़ा था और जिसकी एक तस्वीर आज भी करोड़ों लोगों की जेब में सफर कर रही है। इस चेहरे के पीछे संघर्ष, त्याग, सत्य और अहिंसा की वह विरासत छिपी है जिसने एक पूरे राष्ट्र को नई दिशा दी। हर नोट हमें याद दिलाता है कि आजादी केवल एक घटना नहीं, बल्कि अनगिनत बलिदानों का परिणाम थी।