
करियर डेस्क. महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण (Covid-19)के मामले एक बार फिर से बढ़ रहे हैं। बढ़ते मामलों के बीच पैंरेट्स में बच्चों को स्कूल भेजने की चिंता है। कोरोना के कारण दिल्ली में शिक्षण संस्थानों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है वहां एक बार फिर से ऑनलाइन क्लासेस (Online Classes) के माध्यम से पढ़ाई शुरू हो गई है। वहीं, कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच महाराष्ट्र सरकार ने स्कूल को लेकर एक बड़ा फैसला किया है।
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा है कि स्कूलों को बंद करने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय सरकारी स्कूली छात्रों के टीकाकरण पर विशेष ध्यान देने की योजना बना रही है। क्योंकि स्कूलों को बंद करने से छात्रों को एक बड़ा शैक्षणिक नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में फिलहाल स्कूलें बंद नहीं कि जाएंगी।
उन्होंने कहा कि 15 से 18 वर्ष के आयु वर्ग में आने वाले छात्रों को बैचों में वैक्सीनेशन सेंटर पर ले जाया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि “मैं सभी से भीड़ से बचने और संक्रमण से बचने के लिए दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह करता हूं। उन्होंने कहा कि स्कूली छात्रों (15-18 वर्ष) को बैचों में टीकाकरण केंद्रों में ले जाना चाहिए फिलहाल स्कूल बंद नहीं होंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार की अभी के लिए स्कूलों को बंद करने की योजना नहीं है।
ओमिक्रोन का भी खतरा बढ़ा
राज्य में COVID-19 मामलों में गिरावट दर्ज होने के बाद कक्षा 1 से 7 के छात्रों के लिए महाराष्ट्र के स्कूल 01 दिसंबर, 2021 से फिर से खुल गए हैं। हालांकि, पिछले 15 दिनों में स्थिति एक बार फिर से बदल गई है। दिल्ली, यूपी में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इसके बाद से ही सभी की निगाहें महाराष्ट्र पर टिकी हैं क्योंकि राज्य ओमिक्रॉन से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। स्कूल अभी जारी रहेंगे और स्कूली बच्चों का वैक्सीनेशन भी जल्द शुरू किया जाएगा।
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