
एक बड़ा सा कैंपस, चारों तरफ हरियाली और पेड़-पौधे, जहां तक नजर जाए बस खुला मैदान।।। ऐसी जगह पर पढ़ने का सपना शायद कई लोगों का होता है। लेकिन जो लोग यहां पढ़ते हैं, उनकी राय कुछ अलग है। एनआईटी भोपाल की एक स्टूडेंट पूजा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह बता रही हैं कि आईआईटी और एनआईटी जैसे बड़े कैंपस बाहर से देखने में जितने शानदार लगते हैं, अंदर रहने वाले स्टूडेंट्स के लिए उतनी ही बड़ी मुसीबत भी होते हैं।
वीडियो में पूजा कहती हैं, 'आईआईटी और एनआईटी में पढ़ने वाले ही जानते हैं कि बड़ा कैंपस कोई वरदान नहीं, बल्कि एक अभिशाप है। मैं एनआईटी भोपाल में पढ़ती हूं, जो 600 एकड़ से भी ज़्यादा में फैला है। चलिए मैं आपको दिखाती हूं कि इसके अंदर क्या-क्या है।' इसके बाद पूजा अपने हॉस्टल के आसपास का इलाका दिखाती हैं, जो पूरी तरह से जंगल से घिरा हुआ है।
वह आगे कहती हैं, 'यह मेरा हॉस्टल है और यह पूरा इलाका बस जंगल है। सिर्फ जंगल और कुछ नहीं। हॉस्टल से क्लास तक पैदल जाने में ही 20 मिनट लग जाते हैं।'
पूजा ने बताया कि लड़कियों का हॉस्टल तो फिर भी क्लास के थोड़ा पास है, लेकिन लड़कों का हॉस्टल करीब आधा किलोमीटर और दूर है। कैंपस के अंदर गाड़ियां ले जाने की भी इजाजत नहीं है। पूजा की शिकायत है कि इतना लंबा चलकर उनकी सारी एनर्जी खत्म हो जाती है और क्लास में देर से पहुंचने पर डांट अलग से सुननी पड़ती है। वह सवाल करती हैं कि क्या इस जंगल को थोड़ा कम करके कैंपस को छोटा नहीं किया जा सकता?
पूजा के इस वीडियो पर कई लोगों ने कमेंट्स किए हैं। कई पुराने स्टूडेंट्स ने भी माना है कि बड़े कैंपस बाहर से देखने में ही अच्छे लगते हैं, लेकिन वहां पढ़ने वालों के लिए यह वाकई एक मुश्किल भरा अनुभव होता है।
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