
नई दिल्ली. हिंदुस्तान में आज भी सैकड़ों बच्चे गरीबी में जी रहे हैं। ये बच्चे देश का भविष्य तो हैं लेकिन ये कूड़े-कचरे के ढेर में जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। वजह है गरीबी और बेरजोगारी। ऐसे ही संदीप कुमार नाम का एक लड़का झुग्गी-झोपड़ी में रहता था, यहां कूड़ा बिनकर उनका परिवार उस प्लास्टिक को बेच गुजारा करता था। नशे की लत थी, जुआ खेलते थे लेकिन किस्मत बदली तो यही लड़का सरकारी बैंक में अफसर बन गया। आइए जानते हैं कूड़ा बीनने वाले इस चीफ कैशियर तक के संघर्ष की प्रेरणात्मक कहानी.....।
संदीप पहले गांव में रहते थे लेकिन 6 साल की उम्र के बाद वे दिल्ली शहर आ गए। यहां उनका परिवार सड़क के किनारे एक झुग्गी-झोपड़ी में रहा। छत के नाम पर सिर के ऊपर एक टीन थी। वे दिनभर कूड़ा और प्लास्टिक बीनते थे। मां-बाप चाहते थे बेटा पढ़े-लिखे और कुछ बन जाए लेकिन संदीप गलत संगत में पड़ गए।
जुआ और सट्टेबाजी की लत
संदीप के इस स्लम एरिया में बदमाश दोस्त बन गए। ये लड़के नशा करते थे, तोड़फोड़ करते थे। जुआ और सट्टेबाजी चलती थी। इसी संगत में संदीप भी पड़ गए और ये सब करने लगे। संदीप नशे की लत पड़ गई और नशा करने को पैसा जुटाने के लिए संदीप ने दूसरे तरीके अपनाए। जैसे भीख मांगना, कूड़ा उठाना और चोरी और लोगों को लूटना भी।
बाल संस्था से जुड़कर सरकारी नौकरी की
ये सब चल ही रहा था कि एक दिन संदीप की किस्मत पलट गई। एक दिन संदीप को एक खिलाड़ी मिला, एक टीचर जो बच्चों को खेल खिलाते थे। इस खेल ने संदीप को काफी प्रभावित किया। सिलेवेस्टर (sylvester) नाम के इस शख्स ने संदीप को खेल-कूद में लगा दिया। यहां संदीप ने पढ़ाई भी शुरू कर दी। संदीप की पढ़ाई शुरू हुई और फिर उन्होंने एक बाल संस्था से जुड़कर सरकारी नौकरी की तैयारी की। धीरे-धीरे संदीप का मैथ्स सुधर गया और बाकी सब्जेक्ट भी बेहतर होते गए।
संदीप ने जैसे-तैसे गलत दोस्तों का साथ छोड़ अपनी पढ़ाई शुरू की। अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए पिज्जा हट, और बैंक में सफाईकर्मी का किया। इसके बाद संदीप ने अपने उन्ही टीचर की सलाह पर सरकारी नौकरी की तैयारी की।
बैंक एग्जाम को पास कर लिया
कड़ी मेहनत और लगन के बाद संदीप की जिंदगी में वो दिन भी आ गया जब वो सफलता के शिखर पर पहुंचे। जी हां संदीप ने बैंक का एग्जाम पास कर लिया और आज वो इंडियन बैंक में चीफ कैशियर के पद पर काम कर कर रहें।
संदीप का देश के सभी छात्रों को यही कहना है कि, अगर आप अपने बुरे दिन देख रहे हैं तो मेहनत कीजिए, कोशिश कीजिए आगे बढ़ने की, जो मुश्किलें आए उनका सामना करो और सफलता जरूर मिलेगी। जुआ, कूड़ा बीनना जैसी चीजें करने वाले संदीप आज सम्मान की जिंदगी जी रहे हैं।
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