
Female Supernumerary Seats IIT: देशभर के लाखों JEE Advanced अभ्यर्थियों का सपना होता है कि उन्हें किसी IIT में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE) मिल जाए। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में IITs ने सिर्फ सीटें बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने पर भी खास फोकस किया है। इसी वजह से कई IITs में Female-only और Female Supernumerary सीटों का प्रावधान किया गया है। JoSAA की ताजा सीट मैट्रिक्स बताती है कि देश के टॉप IITs में लड़कियों के लिए CSE सीटों का वितरण काफी अलग-अलग है। कहीं 39 सीटें हैं तो कहीं सिर्फ 8 या 9 सीटें। ऐसे में अगर आप महिला उम्मीदवार हैं और इस साल IIT में CSE लेने का सपना देख रही हैं, तो यह डेटा आपके लिए बेहद काम का हो सकता है।
| IIT | लड़कियों के लिए CSE सीटें |
| आईआईटी बॉम्बे | 39 |
| आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी | 31 |
| आईआईटी खड़गपुर | 28 |
| आईआईटी कानपुर | 26 |
| आईआईटी रोपड़ | 24 |
| आईआईटी गुवाहाटी | 23 |
| आईआईटी रूड़की | 22 |
| आईआईटी दिल्ली | 20 |
| आईआईटी मद्रास | 18 |
| आईआईटी इंदौर | 17 |
अगर सिर्फ लड़कियों के लिए उपलब्ध CSE सीटों की बात करें तो IIT Bombay सबसे आगे है। यहां Female-only कैटेगरी में कुल 39 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें 28 सुपरन्यूमेररी सीटें भी शामिल हैं। यही वजह है कि महिला उम्मीदवारों के लिए यह संस्थान सबसे आकर्षक विकल्पों में शामिल रहेगा।
अक्सर चर्चा आईआईटी बॉम्बे, दिल्ली या मद्रास की होती है, लेकिन सीटों के मामले में आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी ने मजबूत स्थिति बनाई है। यहां लड़कियों के लिए CSE की कुल 31 सीटें हैं, जो पूरे देश में दूसरे नंबर पर हैं। यह आंकड़ा कई पुराने और प्रतिष्ठित IITs से भी ज्यादा है। आईआईटी खड़गपुर में लड़कियों के लिए 28 सीटें हैं जबकि आईआईटी कानपुर में 26 सीटें उपलब्ध हैं। दोनों संस्थान लगातार CSE की सबसे पसंदीदा शाखाओं में गिने जाते हैं। अच्छी प्लेसमेंट, मजबूत रिसर्च और बड़ी एलुमनाई नेटवर्क के कारण यहां प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी रहती है।
जहां कई छात्र सिर्फ पुराने IITs पर ध्यान देते हैं, वहीं डेटा दिखाता है कि आईआईटी रोपड़ और आईआईटी गुवाहाटी में भी लड़कियों के लिए पर्याप्त सीटें उपलब्ध हैं।
देश के सबसे चर्चित IITs में शामिल IIT Delhi और IIT Madras में लड़कियों के लिए CSE सीटें क्रमशः 20 और 18 हैं। ब्रांड वैल्यू और उच्च मांग के कारण यहां सीटें कम होने के बावजूद कटऑफ बेहद ऊंची रहती है। इसलिए केवल सीटों की संख्या देखकर निर्णय लेना सही नहीं होगा।
लड़कियों के लिए CSE सीटों के मामले में नए IITs में संख्या काफी सीमित है। जिसमें-
हालांकि सीटें कम हैं, लेकिन कई बार कटऑफ और अवसरों के हिसाब से ये संस्थान बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।
महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए IITs में Supernumerary Seats जोड़ी जाती हैं। ये अतिरिक्त सीटें होती हैं, जिनसे सामान्य सीटों पर असर नहीं पड़ता। उदाहरण के तौर पर
यानी कुछ IITs ने महिला भागीदारी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त सीटों का काफी बड़ा विस्तार किया है।
अगर आप सिर्फ NIRF रैंकिंग या IIT के नाम के आधार पर चॉइस फिलिंग कर रहे हैं, तो यह रणनीति अधूरी हो सकती है। सीट मैट्रिक्स को समझना उतना ही जरूरी है जितना पिछले साल की कटऑफ को देखना।
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