पति ने साथ छोड़ा, बच्चों के पालने के लिए सड़क में लगाया झाड़ू, फिर बनी SDM, जानें संघर्ष की कहानी

Published : Mar 20, 2022, 12:50 PM IST
पति ने साथ छोड़ा, बच्चों के पालने के लिए सड़क में लगाया झाड़ू, फिर बनी SDM, जानें संघर्ष की कहानी

सार

शा कंडारा (Asha Kandara) की कहानी बता रहे हैं जिन्होंने अपने हौसले से सफलता की नई कहानी (motivational story) लिखी है। आइए जानते हैं कौन हैं आशा कंडारा और कैसे हासिल किया उन्होंने यह मुकाम।   

करियर डेस्क. कहते हैं जहां चाह होती है वहीं, राह होती है। अगर हौसलों हो तो मुश्किल से मुश्किल काम को आसानी से किया जा सकता है। इस बात को साबित कर दिखाया है राजस्थान की एक महिला सफाईकर्मी ने। जो 2021 में SDM बनीं। महिलाएं अब किसी भी फील्ड में पुरूषों से पीछे नहीं हैं। जोधपुर नगर निगम में सफाईकर्मी रही आशा कंडारा  ने यह कर दिखाया है। आज वूमेन स्पेशल (Women News) में हम आपको आशा कंडारा (Asha Kandara) की कहानी बता रहे हैं जिन्होंने अपने हौसले से सफलता की नई कहानी (motivational story) लिखी है। आइए जानते हैं कौन हैं आशा कंडारा और कैसे हासिल किया उन्होंने यह मुकाम।   

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राजस्थान के जोधपुर की रहने वाली आशा कंडारा ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा में 728वीं रैंक हासिल की थी। उनके पिता फ़र्टिलाइज़र कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया में अकाउंट ऑफ़िसर थे जबकि उनकी मां घर संभालती थीं। उनके घर में शुरू से ही पढ़ाई लिखाई का माहौल था। पारिवारिक विवाद के बाद उनका पति से तलाक हो गया था। ऐसे में उनके ऊपर बच्चों की भी जिम्मेदारी आ गई थी।  लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और वो अपना घर चलाने के लिए नगर निगम में सफाईकर्मी के रूप में झाड़ू लगाने लगीं। इस दौरान उन्होंने अपनी तैयारी भी जारी रखी।

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2018 में हुआ सिलेक्शन
आशा ने हार नहीं मानी और वो तैयारी करती रहीं। इस दौरान उन्होंने 2018 नें राजस्थान प्रशासनिक सेवा की परीक्षा दी। इस दौरान वो अपना घर चलाने के लिए नगर निगम में झाड़ू लगाती रहीं। उन्होंने अपनी नियुक्ति को स्थाई करने के लिए लड़ाई भी लड़ी लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। आशा की शादी साल 1997 में हुई थी। लेकिन ये रिश्ता लंबा नहीं चल सका। पारिवारिक विवाद के कारण 8 साल में दोनों का तलाक हो गया। उनका एक बेटा और एख बेटी है। वो दोनों को संभालती थी और काम के साथ साथ अपनी पढ़ाई पर फोकस करती थीं। अंतिम में उन्हें सफलता मिली और वो अब SDM के रूप में कार्यरत हैं।  

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