Yoga Day 2026: महर्षि पतंजलि को क्यों कहा जाता है योग का जनक? जानिए उनकी सबसे बड़ी देन

Published : Jun 20, 2026, 02:00 PM IST
Yoga Day 2026

सार

International Yoga Day 2026: क्या आप जानते हैं योग का जनक किसे कहा जाता है? महर्षि पतंजलि को Father of Yoga क्यों माना जाता है? योग सूत्रों ने योग को दुनिया तक कैसे पहुंचाया? अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर जानिए महर्षि पतंजलि की सबसे बड़ी देन और योग से संबंधित रोचक फैक्ट्स।

Why is Maharishi Patanjali called Father of Yoga: हर साल 21 जून को दुनिया भर में करोड़ों लोग अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाते हैं। योग आज सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में हेल्दी लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा बन चुका है। साल 2026 में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा, जिसकी थीम "Yoga for Healthy Ageing" यानी स्वस्थ और सक्रिय उम्र बढ़ाने के लिए योग रखी गई है। इस बार मुख्य आयोजन कोलकाता में होगा। वैसे तो आज के समय में हर कोई योग से रूबरू है। लेकिन क्या आप जानते हैं महर्षि पतंजलि को योग का जनक (Father of Yoga) कहा जाता है? जानिए महर्षि पतंजलि को योग का पिता क्यों कहते हैं और उनकी सबसे बड़ी देन क्या है?

महर्षि पतंजलि को क्यों कहा जाता है योग का जनक?

योग की परंपरा भारत में हजारों साल पुरानी मानी जाती है। हालांकि, प्राचीन समय में योग का ज्ञान गुरु-शिष्य परंपरा के जरिए मौखिक रूप से आगे बढ़ता था। इसे किसी एक व्यवस्थित ग्रंथ में नहीं लिखा गया था। यहीं पर महर्षि पतंजलि का योगदान सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने बिखरे हुए योग ज्ञान को एक सूत्र में पिरोकर ‘योग सूत्र’ नामक ग्रंथ की रचना की। इसी कारण उन्हें दुनिया भर में ‘योग का जनक’ कहा जाता है।

महर्षि पतंजलि का सबसे बड़ा योगदान योग सूत्र

महर्षि पतंजलि द्वारा लिखे गए योग सूत्र में 196 सूत्र हैं, जिनमें योग के सिद्धांतों और अभ्यास को विस्तार से समझाया गया है। उन्होंने योग को केवल शरीर को फिट रखने का माध्यम नहीं माना, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा के संतुलन का मार्ग बताया। उनके द्वारा बताए गए अष्टांग योग यानी योग के आठ चरण आज भी योग शिक्षा की नींव माने जाते हैं। ये सिद्धांत व्यक्ति के संपूर्ण विकास और मानसिक शांति पर जोर देते हैं।

योग क्यों बन रहा है लोगों की पहली पसंद?

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और अनियमित दिनचर्या आम समस्या बन चुकी है। ऐसे में योग लोगों के लिए एक आसान और प्रभावी उपाय बनकर उभरा है। नियमित योगाभ्यास से शरीर लचीला और मजबूत बनता है। वहीं प्राणायाम और श्वास संबंधी अभ्यास फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने के साथ मानसिक तनाव को कम करने में मदद करते हैं। कई शोधों में यह सामने आया है कि योग चिंता और तनाव के स्तर को कम करने में सकारात्मक भूमिका निभाता है।

योग से जुड़े 5 इंटरेस्टिंग फैक्ट्स

  1. ‘योग’ शब्द संस्कृत के ‘युज’ शब्द से बना है, जिसका अर्थ है जोड़ना या एकता स्थापित करना।
  2. योग का इतिहास लगभग 5,000 वर्ष पुराना माना जाता है।
  3. भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था।
  4. पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था।
  5. 21 जून उत्तरी गोलार्ध का सबसे लंबा दिन होता है, इसलिए इस तारीख को विशेष महत्व दिया गया।

योग को वैश्विक पहचान दिलाने में महर्षि पतंजलि की भूमिका बेहद अहम रही है। उन्होंने योग को एक व्यवस्थित स्वरूप देकर आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान का ऐसा खजाना तैयार किया, जो आज भी करोड़ों लोगों को स्वस्थ, संतुलित और शांत जीवन जीने की प्रेरणा देता है। इसलिए जब भी योग के इतिहास की बात होती है, महर्षि पतंजलि का नाम सबसे पहले लिया जाता है।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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