8वीं तक पढ़ाई, राजनीति में भी आजमाए हाथ, शिव तांडव से छाए..जानिए कौन हैं गांधीजी पर टिप्पणी करने वाले कालीचरण

कालीचरण महाराज का असली नाम अभिजीत धनंजय सरग है। वे महाराष्ट्र के अकोला के रहने वाले हैं। वो एक साधारण परिवार में जन्में हैं। उनके पिताजी धनंजय सराग की जयन चौक में मेडिकल शॉप है।

Asianet News Hindi | Published : Dec 27, 2021 11:33 AM IST

रायपुर : छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के रायपुर (Raipur) में धर्म संसद में महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) पर अपमानजनक और अपशब्द बातें करने के बाद धर्मगुरु कालीचरण महाराज बुरे फंस गए हैं। उन पर रायपुर के  टिकरापारा थाने में पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। उनके बयान के बाद सियासत ने भी तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस उन पर देशद्रोह की मांग कर रही है और बीजेपी के न बोलने पर सवाल उठा रही है। आइए आपको बताते हैं कि आखिर कौन हैं कालीचरण महाराज जिनके बयान के बाद देशभर में बवाल मच गया है।

कौन हैं कालीचरण महाराज 
कालीचरण महाराज (Kalicharan Maharaj) का असली नाम अभिजीत धनंजय सरग है। वे महाराष्ट्र (Maharashtra) के अकोला के रहने वाले हैं। पुराने शहर क्षेत्र शिवाजीनगर के भावसार पंचबंगला क्षेत्र में उनका घर है। वो भावसार समाज के हैं। कालीचरण महाराज एक साधारण परिवार में जन्में हैं। उनके पिताजी धनंजय सराग की जयन चौक में मेडिकल शॉप है। अकोला के युवाओं में इस महाराज का खासा क्रेज है। हालांकि कालीचरण महाराज अपने अतीत के बारे में ज्यादा बात नहीं करते। 

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8वीं तक की पढ़ाई
अभिजीत यानी कालीचरण महाराज बचपन में बहुत नटखट थे। पढ़ाई में उनकी ज्यादा रूचि नहीं थी। वह हरिहर पेट के टाउन जिला परिषद स्कूल में आठवीं क्लास तक ही पढ़े। कालीचरण के नटखटपन से परेशान होकर मां-बाप ने उन्हें उनकी मौसी के घर मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) इंदौर (Indore) भेज दिया। जहां रहकर उन्होंने हिंदी बोलनी सीखी। इसके साथ ही भय्यूजी महाराज के आश्रम में जाने लगे, वहां के काम में उनकी रूचि आने लगी और यहीं से उनको भय्यूजी महाराज की गुरु प्राप्ति हुई। यहीं से उनका नया नाम यानी कालीचरण महाराज पड़ा।

राजनीति में भी आजमाए हाथ
कालीचरण महाराज ने 2017 में हुए अकोला नगर निकाय चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई थी। हालांकि इस चुनाव में कालीचरण महाराजा की हार हुई थी। 2019 के विधानसभा चुनाव में अकोला पश्चिम सीट से उनके उम्मीदवार को लेकर बड़ी चर्चा हुई थी, हालांकि, उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा।

शिव तांडव स्त्रोत से पॉपुलैरिटी मिली
करीब डेढ़ साल पहले कालीचरण महाराजा का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में कालीचरण महाराज ने शिव तांडव स्रोत को खूबसूरती से गाया है। एक युवा साधु द्वारा गाए गए इस शिवतांडव स्रोत के कारण कालीचरण महाराज अधिक प्रसिद्ध हुए। यह शिव तांडव स्रोत मध्य प्रदेश के भोजपुर में एक शिव मंदिर में गाया गया था। इस वीडियो के बाद महाराजा की लोकप्रियता आसमान छू गई थी।

गांधी जी को लेकर क्या कहा
रायपुर में दो दिवसीय धर्म संसद के मंच से महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के बारे में गलत बातें कही गईं। संत कालीचरण ने मंच से गांधीजी के बारे में अपशब्द बोले। उन्होंने कहा कि इस्लाम का मकसद राजनीति के जरिए राष्ट्र पर कब्जा करना है। साल 1947 में हमने अपनी आंखों से देखा कि कैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश पर कब्जा किया गया। मोहनदास करमचंद गांधी ने उस वक्त देश का सत्यानाश किया। उन्होंने मंच से नाथूराम गोडसे (Nathuram Godse) की प्रशंसा की और कहा- नमस्कार है नाथूराम गोडसे को, जिन्होंने उन्हें मार दिया। दो दिन से चल रहे इस धार्मिक आयोजन में देशभर से संत-महात्मा जुटे।

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