
नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमण (corona virus) की तीसरी लहर के बीच पिछले 24 घंटे में 2.68 लाख नए केस मिले हैं। इस दौरान ओमिक्रोन के मामलो में भी 5.01% का उछाल आया है। यानी ओमिक्रोन के कुल मामले अब 6041 हो गए हैं। इस बीच बता दें कि 3 जनवरी, 2022 से 15-18 साल की आयु के बच्चों के लिए वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया है। इसके तहत पहले 11 दिनों में 3.14 करोड़ से अधिक वैक्सीन लगाई जा चुकी थीं। सरकार का टार्गेट जनवरी के आखिर तक इस आयु वर्ग के 7.40 करोड़ युवाओं में से करीब 80-85 प्रतिशत तक को कवर करना है। अभी यह आंकड़ा 42 प्रतिशत से ऊपर निकल गया है।
देश में कोरोना संक्रमण के नए केस, वैक्सीनेशन और टेस्टिंग
पिछले 24 घंटों में 58 लाख से अधिक खुराक (58,02,976) वैक्सीन खुराक के साथ भारत का COVID-19 टीकाकरण कवरेज आज सुबह 7 बजे तक 156.02 करोड़ (1,56,02,51,117) से अधिक हो गया है। यह 1,67,37,458 सत्रों के माध्यम से हासिल किया गया है।
पिछले 24 घंटों में 1,22,684 मरीज ठीक हुए हैं और स्वस्थ होने वाले रोगियों की कुल संख्या (महामारी की शुरुआत के बाद से) अब 3,49,47,390 हो गई है। नतीजतन, भारत की रिकवरी रेट 94.83% है।
पिछले 24 घंटों में 2,68,833 नए मामले सामने आए हैं। भारत का सक्रिय केसलोड(एक्टिव केस) वर्तमान में 14,17,820 पर है। सक्रिय मामले देश के कुल सकारात्मक मामलों का 3.85% हैं।
देश भर में परीक्षण क्षमता का विस्तार जारी है। पिछले 24 घंटों में कुल 16,13,740 टेस्ट किए गए। भारत ने अब तक 70.07 करोड़ (70,07,12,824) परीक्षण किए हैं। देश में साप्ताहिक सकारात्मकता दर वर्तमान में 12.84% है और दैनिक सकारात्मकता दर भी 16.66% बताई गई है।
राज्यों के पास 14.84 करोड़ से अधिक डोज मौजूद
केंद्र सरकार के माध्यम से अब तक राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को 157.87 करोड़ (1,57,87,10,595) से अधिक वैक्सीन खुराक प्रदान की जा चुकी हैं। भारत का (मुफ्त चैनल) और प्रत्यक्ष राज्य खरीद श्रेणी के माध्यम से यह सप्लाई कर रहा है। राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के पास 14.84 करोड़ (14,84,52,821) से अधिक शेष और बिना उपयोग की COVID वैक्सीन खुराक अभी भी उपलब्ध हैं।
मोलनुपिराविर की ब्रिकी पर रोक
ओडिशा सरकार के ड्रग्स रेगुलेटर ने कोरोना के इलाज की दवा मोलनुपिराविर की बिक्री और इस्तेमाल पर फिलहाल रोक लगा दी है। आदेश में कहा गया कि जब तक साबित न हो जाए कि दवा पूरी तरह सुरक्षित है, यह रोक रहेगी। हालांकि सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) का तर्क है कि किसी भी नई दवा की सुरक्षा-प्रभाव जांचने और दवा के इस्तेमाल की अनुमति देने का काम केंद्र का है। चूंकि ओडिशा सरकार की एक टेक्निकल कमेटी ने दवा पर रोक की सिफारिश की थी, जिसके बाद यह रोक लगाई गई है।
यह भी पढ़ें
Bharat Biotech का दावा: COVAXIN अब यूनिवर्सल वैक्सीन, बड़ों और बच्चों के लिए एक ही टीके का होगा इस्तेमाल
COVID-19 मिथक V/s फैक्ट्स: वैक्सीन की कमी से महाराष्ट्र में कैम्पेन को लगा ब्रेक; जानिए सच क्या है
Covid-19 के खिलाफ दुनिया के तमाम देश 2nd डोज नहीं दे सके इजरायल दे रहा 4th डोज
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.