चोटों को पीछे छोड़कर 2020 में प्रभाव छोड़ना चाहते हैं शिखर धवन

Published : Jan 06, 2020, 01:46 PM ISTUpdated : Jan 06, 2020, 02:29 PM IST
चोटों को पीछे छोड़कर 2020 में प्रभाव छोड़ना चाहते हैं शिखर धवन

सार

 दिल्ली की ओर से खेलते हुए घुटने में चोट लगने के कारण वह दिसंबर में वेस्टइडीज के खिलाफ घरेलू टी20 श्रृंखला में भी नहीं खेल पाए थे।


गुवाहाटी: पिछले साल चोटों से परेशान रहे सलामी बल्लेबाज शिखर धवन नए साल की नई शुरुआत करना चाहते हैं और आस्ट्रेलिया में भारत को आईसीसी टी20 विश्व कप में जीत दिलाने की कवायद में अधिक प्रभावी बल्लेबाज बनना चाहते हैं।

धवन के लिए 2019 काफी अच्छा नहीं रहा और वह चोटों के कारण टीम से अंदर-बाहर होते रहे।

आईसीसी एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय विश्व कप के बीच से बाहर हो गया-

बायें हाथ का यह सलामी बल्लेबाज पिछले साल अंगूठे में फ्रैक्चर के कारण आईसीसी एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय विश्व कप के बीच से बाहर हो गया। दिल्ली की ओर से खेलते हुए घुटने में चोट लगने के कारण वह दिसंबर में वेस्टइडीज के खिलाफ घरेलू टी20 श्रृंखला में भी नहीं खेल पाए थे।

नई शुरुआत के लिए बेताब हूं-

धवन ने ‘बीसीसीआई.टीवी’ से कहा, ‘‘पिछले साल मुझे काफी चोटों का सामना करना पड़ा लेकिन यह हमारे काम का हिस्सा है। यह नया साल है और मैं नई शुरुआत के लिए बेताब हूं।’’ 2020 के अपने लक्ष्य के संदर्भ में धवन ने कहा, ‘‘इस साल मैं अपने और टीम के लिए ढेरों रन बनाना चाहता हूं और अधिक प्रभावी खिलाड़ी बनना चाहता हूं, 

विश्व कप जीतना चाहता हूं-

अपनी टीम के लिए मैच जीतना चाहता हूं और विश्व कप जीतना चाहता हूं।’’आईसीसी टी20 विश्व कप का आयोजन आस्ट्रेलिया में इस साल 18 अक्टूबर से 15 नवंबर तक किया जाएगा। टीम से अंदर-बाहर होना कितना मुश्किल रहा, यह पूछे जाने पर दिल्ली के इस सलामी बल्लेबाज ने कहा, ‘‘मैं हमेशा सकारात्मक रहता हूं, मैं हमेशा चीजों को सकारात्मक तरीके से लेता हूं।’’

चोटें लगना बहुत स्वाभाविक है-

उन्होंने कहा, ‘‘चोटें लगना बहुत स्वाभाविक है इसलिए मैं इन्हें लेकर हाय तौबा नहीं मचाता। मैं सुनिश्चित करता हूं कि मेरी मानसिकता हमेशा सकारात्मक रहे और इससे काफी जल्दी चीजों को बेहतर करने में मदद मिलती है।’’ श्रीलंका के खिलाफ तीन टी20 मैचों की श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में वापसी करने वाले धवन ने कहा कि मौजूदा श्रृंखला उनके पास फार्म में वापसी करने के लिए शानदार मौका है।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

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