
पणजी। गोवा में 40 सीटों पर हो रहे विधानसभा चुनाव के लिए आज मतदान होगा। 301 प्रत्याशी चुनावी मैदान में दांव आजमा रहे हैं। भाजपा के दिग्गज नेता और गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की अनुपस्थिति में बीजेपी के सामने गोवा में सत्ता बनाए रखने की कठिन चुनौती है। वहीं, कांग्रेस खोई हुई जमीन फिर से हासिल करने की कोशिश कर रही है। आम आदमी पार्टी (आप) और तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव को बहुकोणीय बना दिया है।
दरअसल, पर्रिकर को गोवा में भाजपा के उदय का सूत्रधार माना जाता है। हाल के वर्षों में गोवा में पर्रिकर के बिना भाजपा के लिए यह पहला विधानसभा चुनाव है। उनके बेटे उत्पल पर्रिकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पणजी विधानसभा क्षेत्र में अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा द्वारा टिकट देने से इनकार करने के बाद उत्पल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। वह पणजी विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।
उत्पल पर्रिकर और बाबुश मोनसेरेट के बीच है मुकाबला
राज्य की चुनावी राजनीति में पणजी विधानसभा सीट का अपना ही महत्व है। पूर्व केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने पणजी का प्रतिनिधित्व किया था। वह तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री बने। गोवा भाजपा ने मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर के खिलाफ पणजी सीट से कांग्रेस पार्टी के आए अतानासियो बाबुश मोनसेरेट को मैदान में उतारा है। मोनसेरेट 2019 में कांग्रेस से नौ अन्य विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हुए थे।
2017 में हुए चुनाव में गोवा विधानसभा के 40 में से 13 सीट पर बीजेपी को जीत मिली थी। वहीं, कांग्रेस को 17 विधानसभा सीटों पर जीत मिली थी। भाजपा के पास वर्तमान में 17 विधायक हैं और उसे महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी), गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के विजय सरदेसाई और तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है। दूसरी ओर कांग्रेस के पास सदन में 15 विधायक हैं। गोवा में वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी।
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