
अमिताभ बच्चन एक बार फिर मीडिया की खबरों को लेकर नाराज नजर आए हैं। इस बार वजह उनका भक्ति भाव से बोला जाने वाला ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ जयकारा है। बिग बी का आरोप है कि कुछ मीडिया संस्थानों ने उनके इस धार्मिक उद्घोष को विरोधियों के लिए चुनौती बताकर पेश किया। उन्होंने इसे भगवान श्रीकृष्ण के नाम का अपमान और उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर दिखाने की कोशिश बताया। सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट लिखकर अमिताभ ने मीडिया की जिम्मेदारी, उसके रवैये और अपनी बातों के गलत मतलब निकाले जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
अमिताभ बच्चन ने रात करीब 2:39 बजे पहली पोस्ट की और लिखा, " लिखते हैं प्रार्थना और मीडिया उसके शब्दों का दुरुपयोग करके, निरादर करता है! इतनी लाचारी? अब मीडिया हमारे हाथ में भी है । सोच लो ! भारी पड़ेगा!"
T 5903 - लिखते हैं प्रार्थना, और मीडिया उसके शब्दों का दुरुपयोग करके, निरादर करता है ! इतनी लाचारी ???
अब मीडिया हमारे हाथ में भी है । सोच लो ! भारी पड़ेगा !!
— Amitabh Bachchan (@SrBachchan) November 1, 2026
बिग बी यहीं नहीं रुके रात करीब 3:53 बजे उन्होंने फिर एक पोस्ट की, जिसमें मीडिया पर जमकर भड़के। बिग बी ने लिखा, “कृष्ण कन्हैया के लिए, प्रार्थना स्वरूप, अक्सर उचारण करते है -' हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' और मीडिया उसका निरादर करके, अपना प्रचार करने के लिए, छापता है, 'देखिए ये अमिताभ अपने विरोधियों को चुनौती दे रहा है, की, 'ले आओ हाथी घोड़ा ' हम अपने हथियारों से लड़ेंगे, डरेंगे नहीं !' एक तो घोर निंदा एक 'जय श्री कृष्ण ' के उपलक्ष्य में , और दूसरा , शब्दों को पलट कर विरोधियों को चुनौती देने की बात कर रहे है।"
अमिताभ ने मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कुछ संस्थानों के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने अपने 5 करोड़ फॉलोअर्स का जिक्र करते हुए धमकी दी और लिखा, “सुन लो कान फाड़ कर मीडिया वालो। 50 million की आबादी है हमारे followers की मीडिया वालो। जिस दिन हमने इशरा किया, तो उनमें से केवल 10 प्रतिशत ही, ठोकने के लिए तैयार बैठें हैं। तुम जितनी हमारे शब्दों की उलट पलट करके निंदा करोगे, उससे 100 गुना ज़्यादा करने की क्षमता हमारे Ef (एक्सटेंडेड फैमिली) के पास पड़ी है। बस बोलने की देरी है उन्हें ।।... बस उनके बोलने की देर है। देखिए मीडिया क्या छापता है- ‘अमिताभ बच्चन ने विरोधियों की धमकियों पर तंज कसा, रहस्यमयी पोस्ट से निकाली भड़ास- लाओ अपने हाथी और घोड़े।’”
बिग बी ने कुछ मीडिया संस्थानों की खबरों को हास्यास्पद बताते हुए उनके रवैये पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि मीडिया को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में सम्मान दिया जाता है, लेकिन कुछ संस्थान देश के ‘पांचवें स्तंभ’ जैसे व्यवहार कर रहे हैं। अमिताभ ने जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि गलती होने पर उसे स्वीकार करना और माफी मांगना जरूरी है, लेकिन मीडिया के कुछ हिस्सों में यह जिम्मेदारी दिखाई नहीं देती।
इस विवाद से पहले अमिताभ ने अपने ब्लॉग में उन लोगों पर प्रतिक्रिया दी थी, जिन्होंने उनके बारे में लिखना बंद करने की बात कही थी। उन्होंने लिखा था, “कुछ युवा हैं, कुछ उम्रदराज हैं और कुछ बस ज्यादा सोना पसंद करते हैं! अब देखते हैं कि वे इसके लिए क्या हेडलाइन बनाते हैं! मुझे धमकी मत दो, मेरे दोस्त। अगर तुम हमारे बारे में लिखना बंद कर देते हो, तो यह बिल्कुल ठीक है। हमारा अखबार अब यहां काम करता है। तुम एक करोगे, हम सौ करेंगे!”
टी 5903{आई)
कृष्ण कन्हैया के लिए, प्रार्थना स्वरूप, अक्सर उचारण करते है -
" हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की "
और मीडिया उसका निरादर करके, अपना प्रचार करने के लिए, छापता है, 'देखिए ये अमिताभ अपने विरोधियों को चुनौती दे रहा है, की, 'ले आओ हाथी घोड़ा ' हम अपने हथियारों से लड़ेंगे, डरेंगे नहीं !'
एक तो घोर निंदा एक 'जय श्री कृष्ण ' के उपलक्ष्य में , और दूसरा , शब्दों को पलट कर विरोधियों को चुनौती देने की बात कर रहे है ।।
सुन लो कान फाड़ के मीडिया वालो ।। 50 million की आबादी है हमारे followers की मीडिया वालो । जिस दिन हमने इशरा किया, तो उनमें से केवल 10 प्रतिशत ही, ठोकने के लिए तैयार बैठें हैं ।
तुम जितनी हमारे शब्दों की उलट पलट करके निंदा करोगे, उससे १०० गुना ज़ादा करने की क्षमता हमारे Ef के पास पड़ी है । ।। बस बोलने की देरी है उन्हें ।।
ये देखिए मीडिया क्या छापता है :
"अमिताभ बच्चन ने विरोधियों की धमकी पर कसा तंज, क्रिप्टिक पोस्ट लिखकर निकाली भड़ास- 'जाओ, ले आओ अपने हाथी घोड़े'
News18 Hindi "
ये देखा आपने - धर्म का निरादर, और
बेतुका (Betuka) – Absurd, nonsensical, or silly.
हास्यास्पद (Hasyaspad) – Ridiculous or laughable (invoking derision).
असंगत
ये वो हैं जिन्हें देश का 5th Column माना जाता है - 4 column तो हमारे संस्कारों में माना जाता है, आदर सम्मान के साथ ।। एक छटा इस लिए कहा जाता है , क्यूँकि उन्हें देशवासियों की और से सम्मानित, और एक समाज में आदार रूपी दर्जा दिया जाता है !!
सम्मान ???
इससे बड़ा हासपद नहीं हो सकता ... .
हमसे कोई ग़लती हो जाए - ग़लतियाँ हो जाती हैं - तो हम तुरंत क्षमा माँगते हैं, और सुधार करने का प्रयत्न करते हैं ..
पर यहाँ लगता है उनका ये जन्म साइ धिकार है ...
मैं कहने वाला था एक पीड़ित व्यक्ति का, स्नेह प्यार, जा रहा हूँ निद्रा के लिए
लेकिन पीड़ित नहीं कहूँगा - अपनी पीड़ा का अधिकार केवल मेरा है - वो आपके { मीडिया ] लायक़ नहीं है ...
शुभ रात्रि मेरे प्यारे E
— Amitabh Bachchan (@SrBachchan) November 1, 2026
उन्होंने ब्लॉग के अंत में लिखा था, “आ जाओ! अपने हाथी और घोड़े ले आओ... हम भी अपने लेकर आएंगे! भगवान कृष्ण की जय!” अपनी ताजा पोस्ट के आखिर में बिग बी ने यह भी कहा कि खबरों से उन्हें दुख पहुंचा, लेकिन वह अपना दर्द सार्वजनिक नहीं करना चाहते। उन्होंने लिखा, “अगर हमसे कोई गलती होती है- गलतियां हो जाती हैं- तो हम तुरंत माफी मांगते हैं और उसे सुधारने की कोशिश करते हैं। लेकिन यहां ऐसा लगता है जैसे यह उनका जन्मसिद्ध अधिकार है... मैं पीड़ित के तौर पर, प्यार और स्नेह के साथ यह कहने ही वाला था कि अब सोने जा रहा हूं... लेकिन मैं पीड़ित नहीं कहूंगा- अपने दर्द पर अधिकार सिर्फ मेरा है, यह आपके (मीडिया के) लायक नहीं है...”
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